महराजगंज। जिले में डेंगू से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। जिला अस्पताल में डेंगू से निपटने के लिए आठ बेड का वार्ड तैयार किया गया है। वहीं, डेंगू जांच के लिए 200 रैपिड किट भी उपलब्ध है। इस साल अब तक डेंगू के 23 केस सामने आ चुके हैं। हालांकि इलाज के बाद सभी मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। इसमें एक मरीज मंगलवार को बांसपार नूतन का जिला अस्पताल में भर्ती हुआ।
जानकारी के मुताबिक, जिले के 14 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रत्येक पर दो-दो बेड सुरक्षित रखे गए हैं। यहां डेंगू की जांच के लिए 150 से 200 जांच किट उपलब्ध हैं। डेंगू सहित अन्य वेक्टर जनित रोगों के रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह सतर्क है। रोकथाम के लिए टीम भी गठित है। टीम द्वारा जन सामान्य को डेंगू से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है।
घरों में कूलर, फ्रीज, गमलों आदि में इकट्ठा पानी को साफ कराया जाता है। लोगों को पीने का पानी उबाल कर प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की टीमें लोगों को डेंगू से बचाव के प्रति सचेत कर रही हैं। जरूरत के अनुसार फॉगिंग, मच्छररोधी दवा का छिड़काव कराया जा रहा है। जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी में डेंगू से इलाज की सुविधा मौजूद है। बेड पर मच्छरदानी लगाया गया है।
डेंगू बुखार को हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं
डॉक्टरों के अनुसार डेंगू होने पर तेज बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों एवं जोड़ों में दर्द, त्वचा पर चकत्ते आदि निकल आते हैं। डेंगू बुखार को हड्डी तोड़ बुखार भी कहते हैं। एडीज मच्छर के काटने से डेंगू होता है। डेंगू एक मच्छर जनित वायरल इंफेक्शन या डिजीज है।