परतावल। जमीनी विवाद के एक मामले में न्यायालय के आदेश पर श्यामदेउरवां थाने में केस दर्ज किया गया है। गोरखपुर निवासी सैयद सज्जाद हुसैन ने बताया कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनकी पुश्तैनी जमीन हड़पने की कोशिश की। उन्होंने बताया कि बसहिया बुजुर्ग में आराजी संख्या 750, रकबा 0.680 हेक्टेयर स्थित है। इस भूमि पर 30 मार्च 1991 को सहायक कलेक्टर (प्रथम श्रेणी) गोरखपुर द्वारा माता उषा के पक्ष में कम्प्रोमाइज डिक्री पारित की गई थी, जो आज भी प्रभावी है। उषा देवी की मृत्यु 29 अगस्त 2009 को हो गई थी। इसके बाद बतौर वारिस मेरा व मेरे भाई का नाम दर्ज हुआ। पीड़ित का आरोप है कि कम्प्रोमाइज डिक्री की अनदेखी कर तबस्सुम मंसूर निवासी घासीकटरा, गोरखपुर ने छह अगस्त 2015 को धोखाधड़ी व कूटरचना से फर्जी बैनामा तैयार कराया। इसमें मृतक कवलपाती का फोटो लगाकर और हस्ताक्षर बनाकर तत्कालीन उपनिबंधक सदर, महराजगंज से रजिस्ट्री कराई गई। इसके बाद उसी दस्तावेज का दुरुपयोग करते हुए 29 अक्तूबर 2024 को दूसरा जाली बिक्रीनामा भी तैयार करवा लिया गया।