फरेंदा। कस्बे के विश्रामपुर चौराहे पर स्थित सर्वोदय हास्पिटल में ऑपरेशन के एक माह बाद प्रसूता की मौत के मामले में पुलिस ने अस्पताल के प्रबंधक व उनकी पत्नी समेत तीन लोगाें पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीकांत शुक्ला ने अस्पताल को सील कर पंजीकरण निरस्त कर दिया है। फरेंदा थाना क्षेत्र के छितही बुजुर्ग के करमहवां निवासी मुकेश साहनी अपनी गर्भवती पत्नी को लेकर 30 अगस्त को सर्वोदय अस्पताल पहुंचे। जहां 31 अगस्त को महिला ने ऑपरेशन के बाद बच्ची को जन्म दिया। ऑपरेशन में करीब चार घंटे का समय लग गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल के कर्मचारियों की लापारवाही से महिला का तबीयत खराब होने लगी। अस्पताल के कर्मचारियों ने चार सितंबर को गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया। जहां करीब एक माह तक इलाज चलने के बाद वहां भी जब महिला की हालत में सुधार नहीं हुआ तो चिकित्सक ने उसे मेडिकल काॅलेज रेफर कर दिया जहां पर मंगलवार की सुबह प्रसूता की मौत हो गई। डॉक्टरों ने ऑपरेशन के दौरान लापरवाही की बात बताई। उसके बाद परिजन उग्र होकर फरेंदा सर्वोदय अस्पताल पहुंचे और अस्पताल के सामने राजमार्ग पर शव रखकर जाम कर दिया। राजमार्ग के जाम की सूचना पर पुलिस सहित एसडीएम शैलेंद्र गौतम, नायब तहसीलदार अंकित अग्रवाल मौके पर पहुंच कर लोगों को मनाने में जुट गए। मृतका के ससुर ने तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार पाठक ने बताया कि तहरीर के आधार पर प्रबंधक विवेक सिंह व उनकी डॉक्टर पत्नी व अप्रशिक्षित नर्स पर केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।