महराजगंज। तहसील दिवस में आने वाली शिकायतों की जांच में लापरवाही करने वाले अफसरों पर डीएम ने सख्ती दिखाई है। निर्माण कार्यों के गुणवत्ता संबंधी चार शिकायतों की जांच में तीन अधिकारियों ने लापरवाही की है। जिस पर डीएम सुनील कुमार श्रीवास्तव ने इनके वेतन रोक दिया है। साथ ही निर्देश दिया है कि जब तक इन लापरवाह अफसरों की ओर से शिकायतों की जांच रिपोर्ट सत्यापन सेल में जमा नहीं की जाती तब तक कोषागार से इनका वेतन भुगतान न किया जाए। फरेंदा के तहसील दिवस में 16 सितंबर को बृजमनगंज के क्षेत्र पंचायत सदस्य विनोद जायसवाल ने शिकायत की थी कि हाताबेला हरैया में इंटरलॉकिंग सड़क धंस गई है। मानक के विपरीत कार्य कराया गया है। शिकायत की जांच डीएम ने जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को दी थी। इसी क्रम में सदर तहसील दिवस में नगरपालिका महराजगंज के हमीदनगर के सभासद प्रदीप गौड़ ने शिकायत की थी कि मोहल्ले में बीआरजीएफ मद से कराए गए इंटरलॉकिंग कार्य में अनियमितता की गई है। मामले की जांच आवास विकास परिषद के एक्सईएन कौशल कुमार को दी गई थी, इन्हीं को एक दूसरी शिकायत की भी जांच मिली थी। नगरपालिका के बैकुंठपुर के सभासद सुग्रीव पटेल ने 26 सितंबर को डीएम से मिलकर शिकायत की कि मोहल्ले में आरसीसी सड़क के निर्माण में अनियमितता की जा रही है।एक अन्य शिकायत सदर तहसील दिवस में सरडीहा गांव के प्रधान द्रौपदी देवी ने की थी। इनकी शिकायत थी कि गन्ना समिति की ओर से बनवाई जा रही सड़क मानक के विपरीत बनाई जा रही है। जिसकी जांच जिला गन्ना अधिकारी को मिली थी। इन शिकायतों की जांच रिपोर्ट अब तक सत्यापन सेल में जमा नहीं की गई है। सीडीओ प्रेम प्रकाश सिंह ने बताया कि तहसील दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में लापरवाही बरते जाने पर कार्रवाई की गई है।