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तीन माह बाद भी नहीं मिली ड्रेस

Thu, 23 Oct 2014 05:30 AM IST
Maharajganj
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महराजगंज। विभागीय लापरवाही का खामियाजा सरकारी स्कूलों ८के विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है। 15 अक्टूबर तक सभी विद्यार्थियों को निशुल्क ड्रेस वितरण करना था। लेकिन तीन माह बीतने के बाद भी ड्रेस वितरण नहीं किया गया है। जिससे विद्यार्थी पुराने कपड़ों में ही स्कूल पहुंच रहे हैं। कई विद्यालयों में न तो कोटेशन लिया गया है और न ही टेंडर निकाला गया है। इस साल कक्षा एक से आठ तक के एक लाख 69 हजार 216 छात्राएं और एक लाख 33 हजार 878 छात्रों को निशुल्क ड्रेस वितरण किया जाना है। शासनादेश है कि 15 अक्टूबर तक सभी बच्चों को निशुल्क ड्रेस वितरित कर दिया जाए। ड्रेस वितरण के लिए शासन से 16 सितंबर को पहली किस्त में 75 प्रतिशत धनराशि नौ करोड़ नौ लाख 28 हजार रुपये जारी की गई। ड्रेस खरीदने की जिम्मेेदारी विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा गठित क्रय समिति को करनी थी। क्रय समिति में विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष, प्रधानाध्यापक, विद्यालय, नामित सदस्य व विद्यालय प्रबंध समिति द्वारा नामित एक अभिभावक को शामिल किया गया है। जिन विद्यालयाें पर 20 हजार रुपये से अधिक मूल्य की ड्रेस की खरीद होनी है वहां फर्मों से कोटेशन लेकर और जिन विद्यालयों में एक लाख रुपये या उससे अधिक मूल्य के ड्रेस की खरीद होनी है वहां टेंडर निकालकर ड्रेस की खरीद करनी है। लेकिन अब तक कई स्कूलों में न तो कोटेशन लिया गया है और न ही टेंडर निकाला गया है। सूत्रों के अनुसार सदर ब्लॉक में 10 प्रतिशत, घुघली में पांच प्रतिशत, सिसवा में 10 प्रतिशत, फरेंदा में पांच प्रतिशत विद्यालयों में ही ड्रेस का वितरण हो पाया है। प्राथमिक विद्यालय बरवा खुर्द, बरवा विद्यापति, परसार गिदही, पड़री, बल्लो खास, गोपाला, लक्ष्मीपुर, बारीगांव समेत कई विद्यालयों में ड्रेस वितरण नहीं किया गया है। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी अपने क्षेत्र के अधिकांश विद्यालयों में तक ड्रेस बंटने का दावा कर रहे हैं। खंड शिक्षा अधिकारी सदर ओमप्रकाश कुशवाहा का कहना है कि सदर क्षेत्र के करीब 25 प्रतिशत विद्यालयों में ड्रेस का वितरण हुआ है। खंड शिक्षा अधिकारी सिसवा का कहना है कि क्षेत्र में करीब 80 प्रतिशत ड्रेस का वितरण कराया जा चुका है। बीएसए रमाकांत का कहना है कि समय से ड्रेस वितरण कराने का निर्देश दिया गया है। लापरवाही बरतने पर संबंधित प्रधानाध्यापक पर कार्रवाई की जाएगी।
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