निचलौल। सोहगीबरवा वन्य जीव प्रभाग के निचलौल वन रेंज से होकर बहने वाली नारायणी नदी की शोभा बढ़ाने के लिए वन विभाग की ओर से मंगलवार को 75 घड़ियाल के बच्चे छोड़े गए हैं। इसमें 21 नर तथा 54 मादा घड़ियाल शामिल हैं। पर्यटकों को लुभाने और घड़ियालों की संख्या बढ़ाने के लिए वन विभाग की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
घड़ियालों के साथ कुकरैल से आए विभाग के वन दरोगा बृजमोहन ने कहा कि नदी में छोड़े गए सभी घड़ियाल के बच्चों का औसतन उम्र करीब तीन वर्ष है। इन घड़ियालों की न्यूनतम लंबाई करीब 1.20 सेंटीमीटर तथा अधिकतम लंबाई 1.50 सेंटीमीटर है। जबकि न्यूनतम वजन पांच किलोग्राम तथा अधिकतम वजन सात किलोग्राम है। घड़ियालों को कुकरैल अल्टीगातोर्स पार्क लखनऊ स्थित घड़ियाल ब्रीडिंग सेंटर से लाकर नेपाल राष्ट्र से निकली नारायणी नदी में टेल फॉल से सटे ठोकर पर छोड़े गए है। घड़ियालों को उप प्रभागीय वनाधिकारी आरसी मलिक और वन क्षेत्राधिकारी सुनील राव मौजूद रहे।
उप प्रभागीय वनाधिकारी आरसी मलिक ने कहा कि जिस प्रकार जंगल में शेर की उपस्थिति स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र के स्वस्थ होने का परिचायक है। उसी तरह जलीय पारिस्थितिकी तंत्र के स्वस्थ रहने का सबसे बड़ा प्रमाण घड़ियाल होता है। इस दौरान अब्दुल हकीम, गोपाल पांडेय, विजय बहादुर, रविंद्र प्रताप, अशोक सिंह, मोविन अली आदि मौजूद रहे