महराजगंज। पैसों के लिए मरीजों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ किया जा रहा है। शहर से गांव तक बिना पैथोलॉजिस्ट और रजिस्ट्रेशन के अवैध पैथोलॉजी धड़ल्ले से संचालित की जा रही हैं। स्वास्थ्य विभाग के छापे में बीते दिनों तीन पैथोलॉजी व एक क्लिनिक बगैर पंजीकरण के संचालित मिले थे, इन्हें नोटिस जारी की गई है। जवाब देने के लिए शुक्रवार को अंतिम दिन है। जिले में अधिकांश यह पैथोलॉजी सरकारी अस्पतालों के आसपास हैं। कुछ चिकित्सक भी मरीजों को बाहर की लैब पर ही मरीजों को जांच कराने की सलाह देते हैं।
जिले में 50 पैथोलॉजी लैब का ही पंजीयन स्वास्थ्य विभाग के अभिलेखों में दर्ज हैं, लेकिन 200 से अधिक पैथोलॉजी संचालित की जा रही हैं। इनमें अधिकांश पैथोलॉजी सरकारी अस्पतालों के आसपास बनी हैं जो अस्पतालों से पूरी तरह से नेटवर्क बनाए हैं। साथ ही कुछ चिकित्सक तो आने वाले मरीजों को निजी पैथोलॉजी सेंटरों पर ही जांच की सलाह देते हैं। वहीं, कुछ संचालक चिकित्सकों के आसपास ही घूमते रहते हैं जो जांच का इशारा मिलते ही मरीज को अपने सेंटरों पर ले जाते हैं। जहां पर जांच के नाम पर मरीजों से मोटी रकम ऐंठ रहे हैं।
कुछ पैथोलॉजी सेंटर संचालक मरीजों से बाहर की जांच के नाम पर मोटी रकम ले रहे हैं। जो एक हफ्ते या कुछ दिन बाद जांच रिपोर्ट आने का दावा करते हैं। इसी बीच फर्जी रिपोर्ट जारी कर मरीजों से जांच के नाम पर खिलवाड़ करते हैं। वहीं, इन सेंटरों में मरीजों की खून, मलेरिया, पेशाब की जांच तो सेंटरों का सामान्य कर्मचारी ही कर देता है। जबकि पैथोलॉजिस्ट के नाम पर तो केवल सेंटर ही चल रहे हैं। संचालक की आड़ में अन्य कर्मी मरीजों की जांच कर रहे हैं। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग इन पर कोई कार्रवाई करने की जहमत नहीं उठा रहा है। इसका खामियाजा निर्धन मरीजों को अधिक पैसे देकर भुगतना पड़ रहा है।
नर्सिंग होम में होती हैं सभी जांचें
जिले में संचालित कुछ अस्पताल व नर्सिंग होम में आने वाले मरीजों को चिकित्सक जांच की सलाह देते हैं। लेकिन यह सभी जांचे एक ही छत के नीचे हो जाती हैं। कुछ नर्सिंग होम व अस्पतालों में मरीजों की जांच अप्रशिक्षित लोगों द्वारा ही की जा रही है। इससे मरीजों के साथ जांच के नाम पर फर्जीवाड़ा कर अवैध रुपये लिए जा रहे हैं। झोलाछाप भी पैथोलाॅजी संचालकों से मिलकर आपस में मुनाफा बांट रहे हैं। झोलाछाप बीमारी कोई भी हो, अपने नेटवर्क वाले सेंटर पर जांच के लिए भेजते हैं। सामान्य बुखार हो या पेटदर्द हो तो भी यह जांच कराते हैं।
विभिन्न जांचों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित
अवैध पैथाेलॉजी में जांचों के लिए अलग-अलग शुल्क निर्धारित है। कुछ पैथाेलॉजी लैब अपने कलेक्शन सेंटर भी चला रही हैं। इनमें से अधिकतर अस्पतालों के आसपास मौजूद हैं। यहां अप्रशिक्षित लोग ब्लड सैंपल निकालने से लेकर सभी जांचें करते हैं। गांवों-कस्बों तक कहीं एक कमरे में तो कहीं संकरी गलियों में पैथोलॉजी चल रही है। हाल यह है कि एक ही सैंपल की अलग-अलग रिपोर्ट आती है और रेट भी अलग अलग है।