महराजगंज। राष्ट्रीय आजीविका मिशन कृषि और गैर कृषि आधारित रोजगार से समूह की महिलाओं को जोड़ने में जुटा है। जनपद में 49,561 दीदी को लखपति बनाने का लक्ष्य मिला है, जिसके सापेक्ष अब तक 43,523 लखपति दीदी का चयन कर लिया गया है।
स्वरोजगार करने के लिए स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी इन महिलाओं को मिशन से आर्थिक सहायता मिलेगी। राष्ट्रीय आजीविका मिशन ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने में लगा है। महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें रोजगार के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
जनपद में अब तक 43,523 दीदी का चयन लखपति बनाने के लिए किया गया है। लखपति दीदी योजना के लिए आवश्यक दस्तावेज के रूप में आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, बैंक खाते का विवरण, मोबाइल नंबर आदि दस्तावेज जरूरी हैं।
ऐसे मिलेगी आर्थिक सहायता
समूह का गठन होने के साथ ही समूह के विस्तार के लिए 2 हजार से 2500 रुपया विस्तार के लिए दिया जाता है। इसके बाद कृषि और गैर कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ाने के लिए महिलाओं को बैंकों से ऋण मुहैया कराया जाता है। जरूरत पड़ने पर आजीविका फंड से भी समूह की महिलाओं को मदद दी जाती है।
मिलेगी ट्रेनिंग
ग्रामीण महिलाओं को व्यवसाय और उद्योग में प्रेरित करने के लिए 548 कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन (सीआरपी) को ट्रेनिंग दिया जाएगा। ट्रेनिंग ले चुकी महिलाएं गांवों में समूह की महिलाओं को व्यवसाय और उद्योग लगाने के लिए प्रेरित करेंगी। महिलाओं को जहां भी दिक्कत आएगी वहां सीआरपी की महिला दिक्कतों का समाधान बताकर मदद करेंगी। सीआरपी बैंकों से महिलाओं को ऋण दिलाने आदि में सहयोग करेंगी।
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लखपति दीदी योजना संचालित है। राष्ट्रीय आजीविका मिशन की कम्युनिटी रिसोर्स पर्सन सीआरपी की ट्रेनिंग कराई जाएगी वह महिलाओं की आय बढ़ाने में मदद करेंगी, जिससे महिलाओं की आय एक लाख से अधिक हो जाए। इसके लिए अभी तक 43 हजार महिलाओं का चयन कर लिया गया है।
-ब्रजभूषण सिंह, डीसी, एनआरएलएम