महराजगंज। स्वच्छ भारत मिशन के तहत गांव की सफाई व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए बीते तीन साल में 26 करोड़ खर्च किए जा चुके हैं। इसके बाद भी 410 ग्राम राजस्व गांव ओडीएफ प्लस से अछूते हैं। जिम्मेदारों का दावा है कि जल्द ही सभी ग्राम पंचायतों को ओडीएफ प्लस बना दिया जाएगा।
गांवों को खुले में शौचालय मुक्त और स्वच्छ बनाने के लिए बनाने के लिए ओडीएफ प्लस बनाया जा रहा है। जनपद में 1195 राजस्व गांव हैं जबकि 882 ग्राम पंचायतें हैं। शासन की मंशा के मुताबिक सभी राजस्व गांव को ओडीएफ प्लस बनाया जाना है। अब तक 685 राजस्व गांव को ओडीएफ प्लस बनाया जा चुका है। जबकि 410 राजस्व गांव को ओडीएफ प्लस किया जाना बाकी है।
पिछले तीन साल में जनपद के गांवों को ओडीएफ प्लस बनाने में 26 करोड़, 80 लाख, 62 हजार 84 रुपये खर्च किया जा चुका है। गांवों को ओडीएफ प्लस बनाने के लिए वित्तीय वर्ष 2022-23 में 21 करोड़, 51 लाख, 20 हजार, 520 रुपया खर्च किया गया। 2023-24 में 23 करोड़, 57 लाख, 51 हजार, 425 रुपये खर्च किया गया, जबकि 2024-25 में एक करोड़ 79 लाख 38 हजार 56 रुपये खर्च किया गया।
ग्रामीण स्वच्छता मिशन के तहत बनाए गए ओडीएफ प्लस माॅडल गांवों में बृजमनगंज के 91 में 62 गांव, धानी के 40 में 27 गांव, घुघली में 82 में 49 गांव, लक्ष्मीपुर में 142 में 84 गांव, महराजगंज के 79 में 63 गांव, मिठौरा के 108 में 69 गांव, निचलौल में 181 में 104 गांव, पनियरा के 89 में 63 गांव परतावल के 96 में 65 गांव और फरेंदा के 96 में 73 गांव और सिसवा के 75 में 47 राजस्व गांव शामिल हैं। ओडीएफ प्लस के तहत गांवों में आरसीसी सेंटर, कंपोस्ट खाद के गड्ढे, वर्मी कंपोस्ट चैम्बर, नालियों के सिल्ट पर कैचर, कूड़ा उठाने वाले ई-रिक्शा आदि कार्य हो रहे हैं। पंचायती राज विभाग शेष बचे गांवों को 31 दिसंबर तक तक ओडीएफ प्लस कर लिया जाना है।