निर्यात के लिए भारत सरकार ने मूल्य निर्धारित किया, ड्यूटी हटने से अब नेपाल आयात में बढ़ोतरी होगी
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। भारत सरकार ने नेपाल में प्याज निर्यात पर लगी 40 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी को हटा कर प्याज का निर्यात दर तय कर दिया है। बाजार में मूल्य स्थिरता के लिए निर्यात मूल्य निर्धारित करते हुए प्रति किलो करीब 68 रुपये एक्सपोर्ट कीमत रखा गया है। पहले रेट कम था तो 40 प्रतिशत एक्सपोर्ट ड्यूटी लगती थी, लेकिन अब एक्सपोर्ट रेट निर्धारित कर दिया गया है। ड्यूटी हटने से अब नेपाल आयात में बढ़ोतरी होगी। डीजीएफटी के नए नोटिफिकेशन के अनुसार, भारत से प्याज आसानी से नेपाल एक्सपोर्ट किए जा सकते हैं।
शनिवार की देर शाम डायरेक्टर जनरल आफ फॉरेन ट्रेड के नोटिफिकेशन के अनुसार प्याज एक्सपोर्ट में ड्यूटी फ्री का आदेश दिया है। जिसमें प्याज का निर्यात मूल्य 68 रुपये तय कर दिया गया है। पहले 16 से 20 रुपये किलो की दर में प्याज निर्यात किया जाता था। बिल मूल्य पर 40 प्रतिशत एक्सपोर्ट ड्यूटी जमा होती थी। इससे पहले 19 अगस्त को सरकार ने प्याज के निर्यात पर 40 प्रतिशत शुल्क लगा दिया था। सरकार ने तब कहा था कि 31 दिसंबर 2023 तक यह ड्यूटी लागू रहेगी। प्याज की घरेलू उपलब्धता में सुधार के लिए यह ड्यूटी लगाई थी। अब ड्यूटी समाप्त करते हुए निर्यात के लिए मूल्य निर्धारित किया है।
कस्टम अधीक्षक सोनौली एसके पटेल ने बताया कि निर्यात ड्यूटी हट गई है। 68 रुपये प्रतिकिलो में प्याज एक्सपोर्ट किया जा रहा है।
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ड्यूटी हटने से अब आयात में बढ़ोतरी होगी
भारत सरकार द्वारा प्याज निर्यात पर 40 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी लगने के बाद नेपाल के व्यापारी प्याज का निर्यात कम कर रहे थे। जहां 20 अगस्त के पहले प्रतिदिन 25 से 30 गाड़ी प्याज नेपाल निर्यात किया जाता था। वह तीन से पांच गाड़ी पर आ गया था। नेपाल भैरहवा आलू प्याज के व्यापारी प्रताप कांदू ने बताया कि प्याज काफी महंगा हो गया है। एक गाड़ी पर करीब एक लाख पचास हजार रुपये तक भारत में ड्यूटी हो गया था। ड्यूटी हटने से अब आयात में बढ़ोतरी होगी।
नेपाल में प्याज के दामो में तेजी
नेपाल काठमांडो में रविवार को प्याज 120 रुपये किलो बिका। व्यवसायी दधिराम उप्रेती ने बताया कि बनेश्वर, आसन, मैतीदेवी, कोटेश्वर, इमाडोल और भक्तपुर के कुछ किराना स्टोरों में अधिकतम 120 रुपये प्रति किलो की दर से प्याज की बिक्री हुई। आलू और प्याज आयात निर्यात थोक संघ के अध्यक्ष मोहन ने कहा कि आम लोगों के घर का बजट भी बढ़ने लगा है। नेपाल के रेस्टोरेंट में भी भोजन महंगा हो गया है।
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निर्यात मूल्य निर्धारण करने से बाजार में भाव बढ़ा
भारत सरकार ने प्याज के निर्यात पर 40 फीसदी की कस्टम ड्यूटी हटा दी है, लेकिन निर्यात मूल्य निर्धारण करने से बाजार में भाव बढ़ गए हैं। जिस कारण नेपाल के सब्जी बाजारों से प्याज गायब हो गया है और प्याज के दाम आसमान छू रहे हैं। 40 प्रतिशत ड्यूटी के पहले नेपाल में प्याज की कीमत 40 रुपये भारतीय मुद्रा थी फिर ड्यूटी के बाद 90 रुपये भारतीय प्रति किलो हो गई है। काठमांडो फल-फूल व सब्जी बाजार विकास समिति के सूचना अधिकारी विनय श्रेष्ठ ने कहा कि बाजार में प्याज का रेट थोक में 80 रुपये है, किसी दुकान पर अभी प्याज नहीं है। दाम अभी और बढ़ने की आशंका है।
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सोनौली आलू प्याज के व्यापारी सन्नी गुप्ता, वकील अहमद, सोनू खान ने बताया कि नेपाल सरकार ने पहले अपने वार्षिक बजट में सब्जियों पर आयात पर 13 फीसदी वैट लगा दिया था। नेपाल में ज्यादातर सब्जियां भारत से ही जाती हैं। नेपाल सरकार के इस कदम से वहां प्याज के दाम बढ़ गए। प्रतिदिन 2 करोड़ के व्यापार का नुकसान हो रहा है। पहले 40 से 50 गाड़ी निर्यात होती थी। अब यह संख्या पर्व के अपेक्षा दो प्रतिशत रह गई है।
नासिक से प्याज नेपाल जाता है
भारत के नासिक से प्याज व्यापारी खरीद कर नेपाल निर्यात करते हैं। नेपाल में रूपनदेही नारायण घाट, पोखरा, भरतपुर, काठमांडो महानगर के मंडी में इसकी सप्लाई की जाती है। आलू और प्याज आयात निर्यात थोक संघ के अध्यक्ष मोहन ने बताया कि भारत में ड्यूटी हटने के बाद मूल्य निर्धारित होने से प्याज मंडी से गायब हो गया है। जिस कारण प्याज के दाम बढ़ गए हैं।
घरेलू बाजार में रेट बहुत तेजी से बढ़ रहा
कस्टम हाउस एजेंट डॉ. विनायक चंद्र तिवारी ने बताया कि घरेलू बाजार में रेट बहुत तेजी से बढ़ रहा है। भारत सरकार ने घरेलू स्तर पर प्याज की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए यह उपाय किया है। प्याज निर्यात पर न्यूनतम निर्यात मूल्य लगाने के फैसले के साथ सरकार ने बफर के लिए अतिरिक्त 2 लाख टन प्याज की खरीद की भी घोषणा की है। न्यूनतम निर्यात मूल्य लगाने का निर्णय घरेलू उपभोक्ताओं के लिए प्याज को किफायती बनाए रखने के सरकार का निर्णय सराहनीय है।