भैरहवा से उड़ान नियमित नहीं होने पर नेपाल के 32 संगठनों ने खोला मोर्चा
भैरहवा भंसार, सोनौली सीमा को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की दी चेतावनी, उड़ान शुरू करने की मांग संबंधी नेपाल के प्रधानमंत्री को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। भारत नेपाल सोनौली सीमा के सबसे नजदीकी नेपाली हवाई अड्डा गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा भैरहवा से उड़ान नियमित नहीं होने को लेकर नेपाल के 32 संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। बेलहिया भैरहवा भंसार को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की चेतावनी दी। संगठनों ने कहा कि उद्घाटन के डेढ़ साल बाद भी गौतम बुद्ध अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ान नहीं हो रही है। इस संबंध में नेपाल के प्रधानमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
प्रधानमंत्री को सौंपे ज्ञापन में सभी ने विरोध कार्यक्रमों की घोषणा की है, जिसमें अनशन से लेकर घरेलू उड़ानों को रोकने और बेलहिया सोनौली सीमा चौकियों को अनिश्चित काल के लिए बंद करना शामिल है। उन्होंने कहा कि नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ान नहीं होने के कारण राज्य और निजी क्षेत्र का अरबों का निवेश डूबने वाला है। हवाई अड्डे के निर्माण में मुआवजे सहित लगभग 40 बिलियन का निवेश हुआ है। हवाई अड्डे को लक्षित करने वाले निजी क्षेत्र से पांच सितारा होटलों और अन्य व्यवसायों में लगभग 80 बिलियन का निवेश किया गया है। कारोबारियों को चिंता है कि नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानें नहीं होने से निवेश डूब जाएगा।
संजल के अध्यक्ष अनिल कुमार ग्यावली ने कहा कि सोमवार से 35 दिनों का अल्टीमेटम देने के बाद विरोध की घोषणा हुई है। सोमवार को प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा गया। 15 नवंबर से विभिन्न क्षेत्रों, यात्रा, एयरलाइंस आदि संगठनों, मुख्य जिला अधिकारियों, पुलिस प्रमुखों को पत्र भेजा जाएगा। भैरहवा में शांतिपूर्ण रैली आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
संयोजक ग्यावली ने कहा कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो वे 25 दिसंबर के बाद अनिश्चित काल के लिए घरेलू उड़ानें बंद कराने के साथ ही सीमा को भी बंद कराया जाएगा। संगठन के उपाध्यक्ष सीपी श्रेष्ठ ने कहा कि अगर एयरपोर्ट पूरी क्षमता से नहीं चल रहा है तो कारोबारियों के साथ-साथ सरकार का भी अरबों का निवेश डूब रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि काठमांडो में कुछ व्यवसायियों ने अपने निहित स्वार्थों के लिए गौतम बुद्ध हवाई अड्डे से नियमित अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की अनुमति नहीं दी है। वर्तमान में नेपाल एयरलाइंस सप्ताह में एक उड़ान भर रही है।