कुछ दिन पहले पशु तस्करों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करने पर प्रभारी निरीक्षक पर हुई थी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज/ठूठीबारी। नेपाल ले जाए जा रहे 30 मवेशियों को पुलिस ने छुड़ाकर पांच पशु तस्करों पर केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया। पुलिस की कार्रवाई से क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। बीते 22 अक्तूबर को पशु तस्करी के मामले में आरोपियों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करने पर एसपी ने थानेदार, उप निरीक्षक व हेड कांस्टेबल को निलंबित कर दिया गया था। इससे सबक लेते हुए इस बार पुलिस ने ढिलाई नहीं की। मामला संज्ञान में आते ही कार्रवाई कर दी गई।
ठूठीबारी कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ लोग जमुईकला गांव के पश्चिम नहर के पास अधिक संख्या में भैंस एकत्र कर नेपाल में बेचने के लिए ले जाने वाले हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने देखा कि चार-पांच लोग जानवरों को डंडे से मारते-पीटते व दौड़ाते हुए जमुईकला नहर के रास्ते ले जा रहे थे। यह देख पुलिस टीम घेराबंदी कर भैंस को दौड़ाते हुए ले जा रहे व्यक्तियों व सभी जानवरों को रोक लिया।
उसी दौरान पिपरिया की तरफ से एक वाहन तेजी से आया। पुलिस टीम को देख कर चालक वाहन मोड़ कर भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस से घिरता देख चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। वाहन की तलाशी में सात भैंसे मिलीं। मौके पर पकड़े गये आरोपियों की पहचान शेरई उर्फ शमशेर, समीर ग्राम जमुईकला थाना ठूठीबारी, मुर्तजा ग्राम डिगही थाना ठूठीबारी, हमिद ग्राम मुंडेरा लाला थाना अहिरौली बाजार जनपद कुशीनगर , रियाजुद्दीन ग्राम बोधीछापर मेठिहवा थाना हनुमानगंज जनपद कुशीनगर के रूप में हुई।
ठूठीबारी प्रभारी कोतवाल कंचन राय ने बताया कि नेपाल ले जा रहे 30 भैंसों के साथ रियाजुद्दीन, शेरई उर्फ शमशेर, मुर्तजा, हमीद, समीर के खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया। सभी भैंसों को देख-रेख के लिए ग्रामीणों को सौंपा दिया गया।
-
नेपाल ले जाने पर होती है मोटी कमाई
पकड़े गये आरोपियों ने बताया कि पुलिस द्वारा पकड़े गये 30 भैसें पैदल नेपाल राष्ट्र में बेचने के लिए ले जा रहे थे। गाड़ी से भैंसो को बाहर से मंगाते हैं। इकट्ठा करने के बाद नेपाल पहुंचा देते हैं। वहां पर भैंसे अच्छे दामों पर बिक जाते हैं।
-
जानवरों की नेपाल में मुंहमांगी मिल रही है कीमत
इंडो-नेपाल की बार्डर पर जानवरों की तस्करी काफी बढ़ गई है। पगडंडियों के रास्ते अवैध रूप से जानवर भारतीय सीमा से नेपाल पहुंचाए जाते हैं। इसके बाद उन्हें नेपालगंज व काठमांडू की मंडियों में भेज इनके मांस पैक कर चीन, कोरिया, हांगकांग सहित अन्य देशों को भेजा जाता है। खास बात यह है कि तस्करों को ऐसे जानवरों की नेपाल में मुंहमांगी कीमत मिल रही है।
-
पगडंडियों के सहारे उन्हें नेपाल तक ले जाते
सूत्रों के अनुसार बार्डर पर पकड़े गए तस्करों के मुताबिक एक बार फिर भारत-नेपाल की सीमा से अवैध जानवरों की तस्करी का खेल खुलेआम चल रहा है। भारत-नेपाल सीमा पर सबसे अधिक भैंसे व बकरे की तस्करी की बात सामने आई है। तस्कर सीमा से लगे पगडंडियों के सहारे उन्हें नेपाल तक ले जाते हैं। वहीं, तस्करों के रैकेट उन्हें नेपालगंज व काठमांडो स्थित जानवरों के बाजारों तक पहुंचा रहे हैं।