निचलौल। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर प्रभु श्रीराम के मंदिर निर्माण की मांग को 1990 में चले आंदोलन में निचलौल शहर के 29 रामभक्त जेल गए थे। 500 वर्षों के संघर्ष के बाद अयोध्या में प्रभु श्रीराम के मंदिर में प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को लेकर पूरे देश में जोश, आस्था व उत्साह का अप्रतिम वातावरण बना है। ऐसे में करीब 33 साल पहले के जन्मभूमि आंदोलन में जेल जाने वाले कारसेवक रामभक्तों में खुशी का माहौल है।
अक्तूबर 1990 में जेल जाने वाले निचनौल निवासी शिक्षक अजय कुमार जायसवाल ने बताया कि उस समय रामभक्तों में गजब का उत्साह था। लोगों का अपार जनसमर्थन जन्मभूमि आंदोलन को जनआंदोलन का रूप प्रदान कर रहा था। इसी क्रम में निचलौल शहर के युवा भी आंदोलन में अपना योगदान दिए थे। पुलिस प्रशासन ने कारसेवा के लिए अयोध्या कूच करते निचलौल के 29 लोगों को दो चरण में गिरफ्तार कर लिया था।
आंदोलन का आलम यह था कि उस समय स्थायी व अस्थायी जेलों में जगह कम पड़ गई थी। निचलौल से सबसे पहले गिरफ्तार रामभक्त महाशय वार्ड निवासी श्रीनिवास वर्मा आजमगढ़ के एक अस्थाई जेल में बंद थे। इसके बाद गिरफ्तार 28 युवाओं को जेल में जगह नहीं मिली। सात दिन तक वे पुलिस की जीप में ही घूमते रहे। दो बार आजमगढ़ तथा एक बार मंडी समिति गोरखपुर के अस्थायी जेल तक उन्हें ले जाया गया। लोग रामभक्तों को प्रभु के काज में लगे होने के नाते जो सम्मान देते थे। उसे कभी भी भुलाया नहीं जा सकता। वो दिन गिरफ्तार होने के लिहाज से भले कष्टकारी माना गया। लेकिन रामधुन में रामकाज के लिए समर्पण को लेकर सुखकारी भी था। जिसे लेकर यह सब हुआ था। वह सपना अब अपनी आंखों के सामने पूरा होता देख अपार हर्ष और गर्व महसूस हो रहा है। निचलौल के रामभक्तों के साथ आपसी सौहार्द का एक मिसाल भी कायम रहा। गिरफ्तार कारसेवकों में नगर निवासी एक मेंहदी हसन भी शामिल रहे। वह आज इस दुनिया में नहीं हैं। उनके साथ बीते दिन आज भी याद हैं।
ये राम भक्त उस वक्त गए थे जेल
श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन 1990 में निचलौल से गिरफ्तार होकर जेल गए रामभक्तों में श्रीनिवास वर्मा, अजय जायसवाल, कन्हैया मद्धेशिया, सुनील अग्रवाल, गंगा अग्रवाल, नंदकिशोर अग्रवाल, मदन गोपाल गुप्त, श्रीकांत पासवान, सुरेश वर्मा, रमेश गुप्ता, अशोक मोदनवाल, चौथी शर्मा, हरिनंदन सिंह, राजेंद्र वर्मा, जंत्री अग्रहरी, हृदयेश अग्रहरी, प्रदीप कसौधन, मुन्ना अग्रहरी, राजू मिश्र, दिनेश वर्मा, मोहन वर्मा, बाबूलाल वर्मा, सुरेंद्र मोदनवाल व द्वारिका अग्रहरी के अलावा वर्तमान में स्वर्गीय हो चुके पांच रामभक्त दयानंद गुप्त, मेहंदी हसन, बबलू, दीनानाथ व विजय वर्मा के नाम शामिल है।