घुघली। लघु सिंचाई योजना के तहत किसानों को समय से बोरिंग की सुविधा नहीं उपलब्ध हो पा रही है। विकास खंड में करीब 260 किसान ऑनलाइन आवेदन कराने के बाद आज भी बोरिंग का इंतजार कर रहे हैं। तीन माह से लाभार्थी ब्लॉक व विभाग का चक्कर लगाने को विवश हैं। अगर समय से उन्हें बोरिंग योजना का लाभ नहीं मिलेगा तो उनके समक्ष आने वाले दिनों में सिंचाई का संकट उत्पन्न हो सकता है। इसे लेकर वह अभी से चिंतित हैं।
ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि ओमप्रकाश जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री लघु सिंचाई योजना के तहत किसानों को निजी सिंचाई सुविधा प्रदान की जाती है। ताकि किसान आत्मनिर्भर बन सकें। बोरिंग टेक्नीशियन राम दुलारे कुशवाहा ने कहा कि सामान्य जाति के लिए 110, अनुसूचित जाति के लिए 30 बोरिंग का लक्ष्य था, जो पूरा हो गया है।
ब्लॉक के एमआईकृष्ण मोहन ने कहा कि सरकारी योजनाओं के माध्यम से किसानों को सिंचाई के लिए बोरिंग व पाइप आदि की सुविधा सरकार द्वारा निर्धारित एजेंसी से करा दी जाती है। लाभार्थियों की सहायता की जाएगी।
पूछने पर नहीं मिलती है सटीक जानकारी
भुवनी निवासी हरेराम साहनी ने बताया कि हमें बोरिंग की आवश्यकता है। कई बार ऑफिस पर गया। पूछा भी लेकिन किसी ने जवाब नहीं दिया की किस तरह कैसे फ्री बोरिंग मिलता है हमें पता भी नहीं है क्या करना है। पकड़ियार बिशुनपुर निवासी श्रीपति सिंह को बोरिंग की आवश्यकता है। दो माह से ऑनलाइन कराकर परेशान हूं। निशुल्क बोरिंग का इंतजार है, लेकिन नहीं मिल पा रहा है।