अड्डा बाजार। गोरखपुर-सोनौली राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण की जद में आए संपतिहा के 21 लोगों को मुआवजा नहीं मिल पाया है। शुक्रवार से तहसील प्रशासन पुलिस बल के साथ एनएचआई और पीएनसी कर्मियों की मौजूदगी में बुलडोजर से मकानों को ध्वस्त कर रहा है।
पूर्व प्रधान राम अचल प्रजापति उर्फ मुन्ना ने बताया कि बरफी वर्मा, रामदेव, प्रभावती, अजरून निशा, रीता सहानी, राजेंद्र, साधू जायसवाल, बीना श्रीवास्तव, रंगनाथ आदि को मुआवजा नहीं मिल पाया है। मुआवजा मिलने पर कम से कम दो दिन की मोहलत मिलनी चाहिए, जिससे लोग सामान कहीं अन्यत्र सुरक्षित कर सकें। बताया कि 30 अक्तूबर की शाम को राम सुभग, दुलारी, बुधिराम, राम केवल को जमीन और जय प्रकाश, कैलाश को मकान का मुआवजा मिला। अगले दिन प्रशासन ने बुलडोजर चला दिया, जिसमें दो लोगों के मकान बगैर मुआवजा मिले ढहा दिए गए। नायब तहसीलदार सौरभ श्रीवास्तव ने कहा कि शासन के निर्देश का अनुपालन किया जा रहा है। अधिकांश लोगों को मुआवजा मिल चुका है।