वर्ष 1992 में अपनी पत्नी उषा की दहेज के लिए कर दी थी हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। थाना कोठीभार क्षेत्र के ग्राम सभा खेससारी चौधरी टोला में वर्ष 1992 में अपनी पत्नी उषा की दहेज की मांग को लेकर हत्या करने के मामले में दोषी पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश (प्रथम) पवन कुमार श्रीवास्तव ने आरोपी पति सुकई को 10 वर्ष के साधारण कारावास की सजा दी है। बब्बन को दो साल की सजा मिली है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सर्वेश्वर मणि त्रिपाठी ने बताया कि वादी मुकदमा फूलमती निवासी साड़कला, थाना मेहदावल, जनपद बस्ती ने थाना कोठीभार में रिपोर्ट दर्ज कराया कि उसकी पुत्री उषा का विवाह करीब नौ साल पहले सुकई निवासी ग्रामसभा खेसरावी चौधरी टोला, थाना कोठीभार, जनपद महाराजगंज के साथ हुआ था। वर्ष 1992 में पुत्री उषा का गवना हुआ था।
गवना के बाद से ही उसकी पुत्री को उसके पति एवं उसके घर वाले सुकई, बब्बन, बेचू, जमुना, सीताराम, रामलाल, घुरहू, रामाश्रय, अकलू एवं सरवन दहेज में टेलीविजन की मांग को लेकर आए दिन प्रताड़ित करते हुए मारते-पीटते रहते थे। दहेज में टेलीविजन की मांग को लेकर उसकी पुत्री की मारपीट कर हत्या कर दी। इस मामले में थाना कोठीभार में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक द्वारा न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। बेचू, सीताराम, घुरहू, सरवन की मृत्यु हो गई, जिनके विरुद्ध न्यायालय द्वारा मुकदमा उपसमिति कर दिया गया। न्यायालय द्वारा जमुना, रामलाल, रामाश्रय, अकलू को दोष मुक्त करते हुए आरोपी अभियुक्त सुकई एवं बब्बन को दोषी पाए जाने पर सजा सुनाई है।