ललितपुर। जिला पंचायत के सेवानिवृत्त वरिष्ठ लिपिक के विरुद्ध कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को एक पत्र लिखा। पत्र में सेवानिवृत्त लिपिक पर विभाग के कर्मचारियों को ब्लैकमेल करने, धमकी देने और अवैध रुपयों की मांग करने के आरोप लगाए हैं।
जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश नारायण निरंजन ने जिलाधिकारी को पत्र भेजा। जिसमें उन्होंने बताया कि जिपं कार्यालय में कार्यरत रहे वरिष्ठ लिपिक 30 जून 2018 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सेवानिवृत्त से संबधित जो भी लाभ थे वह प्राप्त कर चुके हैं। बावजूद इसके सेवानिवृत्त वरिष्ठ लिपिक द्वारा अब जिला पंचायत में तैनात कर्मचारियों को ब्लैकमेल किया जा रहा है और पांच लाख रुपये की मांग की जा रही है। मांग पूरी न करने पर झूठे एससी-एसटी एक्ट के मुकदमे में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं और नौकरी न करने देने की बात कही जा रही है।
जबकि सेवानिवृत्त वरिष्ठ लिपिक अपने सेवाकाल में विवादित रहे हैं। जिसकी पुष्टि कार्यालय में उपलब्ध अभिलेखों से होती है। जिसमें तत्कालीन अपर मुख्य अधिकारी के पत्र जोकि चार जनवरी 2010, सात मई 2014 व चार नबंबर 2020 को शासन को प्रेषित कर अवगत कराया गया था। जिला पंचायत द्वारा भेजे गए पत्र में यह भी बताया गया कि 24 दिसंबर 2009 को जिला पंचायत के अध्यक्ष फेरनलाल जोकि एससी श्रेणी से आते थे के द्वारा अपर मुख्य अधिकारी को पत्र लिखकर निलंबित करने का निर्देश दिया था। वर्ष 2011 में लिपिक को निलंबित भी किया गया था। इसके साथ जिला पंचायत की भूमि पर अवैध कब्जे करने व करवाने के लगाए गए। आरोप जांच में सही पाए गए थे। सेवानिवृत्त लिपिक नियमित पेंशन भी ले रहा है। लेकिन जिला पंचायत में तैनात कर्मचारियों के विरुद्घ झूठे, षड़यंत्र रचकर झूठी शिकायतें अवैध धन की मांग कर रहा है। साथ में जिला पंचायत की छबि खराब कर रहा है। पत्र में सेवानिवृत्त वरिष्ठ लिपिक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।