सर्व शिक्षा अभियान के मानक अनुसार जिले में 1,049 प्राथमिक एवं 492 पूर्व माध्यमिक विद्यालय खुले चुके हैं। इन स्कूलों के भवन निर्माण पर विभाग ने लाखों रुपए लगा दिए हैं, लेकिन सालों बीत जाने के बाद भी स्कूलों की भूमि राजस्व अभिलेखों में अभी तक दर्ज नहीं हो सकी है। जनपद में तमाम विद्यालय ऐसे हैं, जिनकी भूमि या तो दान पत्र पर लिखी है या फिर ग्राम सभा व जिला पंचायत की भूमि है। अब लखनऊ में बैठे अफसरों को स्कूलों की भूमि की चिंता सताने लगी है। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपाल सिंह को विद्यालयों की भूमि को राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इसके अनुपालन में बीएसए ने सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारी को पत्र लिख दिया है। उन्होंने एसडीएम को लिखे पत्र में कहा कि लेखपालों से स्कूल की भूमि राजस्व अभिलेखों में दर्ज कराने के लिए निर्देशित किया जाए, जिससे राजस्व अभिलेखों में दर्ज करने की कार्रवाई पूर्ण हो सके।