अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर-तालबेहट। जनपद में मौसम के बदले मिजाज से तालबेहट क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ हुई झमाझम बारिश और कुछ गांवों में ओले गिरने से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई। अन्य इलाकों में खेत में कटी पड़ी सरसों व मटर की फसल पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। किसानों का कहना है कि यदि तेज बारिश हुई तो फसलों के नुकसान को रोकना मुश्किल होगा। उधर,बिजली गिरने से ग्राम हनौता में घर के बाहर खेल रही चार वर्षीय बालिका की मौत हो गई और ग्राम भदौना में गाज गिरने से एक झोपडे में आग लग जाने से एक बैल की मौत हो गई और भैस झुलस गए।
जनपद में रबी की अधिकांश फसलें पकने की कगार पर आ गईं हैं। दलहनी फसलों में मटर पूरी तरह से पक जाने से किसान कटाई कर मढाई तक कर रहे हैं। वहीं मसूर की भी कटाई शुरू हो गई जबकि चना की फसल की कटाई में कुछ दिन शेष है। वर्तमान में मटर व सरसों की फसल की कटाई का कार्य अधिकांश क्षेत्र में चल रहा है। लेकिन, मौसम का बिगड़ता मिजाज किसानों को चिंता में डाल रहा है। मंगलवार को तालबेहट तहसील क्षेत्र के कई गांवों में तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश हुई जिससे गेहूं की फसल खेतों में गिर गई। वहींं ग्राम पवा और सरखड़ी के मध्य छोटे-छोटे ओले गिरने से किसान चिंतित हो गए। बार ब्लॉक क्षेत्र में बूंदाबादी हुई तो शहर सहित ब्लॉक जखौरा,महरौनी, मड़ावरा व बिरधा में बादल ही छाए रहे। किसानों का कहना है कि बारिश हुई तो खेतों में कटी पड़ी मटर व सरसों की फसल और खेत में खड़ी चना व मसूर की फसल भी खराब हो जाएगी। उन्होंने बताया कि कुछ क्षेत्रों में गेेहूं की फसल को पानी दिया जा रहा है। ऐसे में चल रही तेज हवा से फसल के गिरने का खतरा बना हुआ है। वहीं बारिश होने के साथ ही हवाएं चलीं तो गेहूं की फसल गिर जाएगी, इससे पैदावार प्रभावित हो जाएगी।
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फोटो-34
गाज गिरने से घर के बाहर खेल रही बालिका की मौत
झोपड़ी पर गाज गिरने बैल की मौत, पास में बंधी भैस झुलसी
संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत कड़ेसराकलां के मजरा हनौता में मंगलवार सुबह बिजली गिरने से घर के बाहर खेल रही चार वर्षीय बालिका की मौत हो गई। वहीं ग्राम भदौना में गाज गिरने से झोपडी में आग लग गई जिसमें एक बैल की मौत हो गई और इसी के निकट बंधी एक भैस भी झुलस गई।
ग्राम पंचायत कड़ेसराकलां के मजरा हनौता में घनश्याम सहरिया की चार वर्षीय पुत्री मोनिका अपने घर के बाहर खेल रही थी तभी तेज गड़गड़ाहट के साथ गाज (बिजली)उस पर गिरी जिससे उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना की सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने शव काे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इधर, ग्राम भदौना में देवसिंह पाल पुत्र पर्वत के झोपड़ी बिजली गिरने से आग लग गई जाने से एक बैल की मौके पर ही मौत हो गई और उसके समीप बंधी एक भैस झुलस गई। घटना की जानकारी पर एसडीएम राजबहादुर ने दोनों स्थानों पर लेखपालों को भेज कर रिपोर्ट मांगी है।
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आगामी एक सप्ताह के तापमान पर एक नजर
तिथि - न्यूनतम तापमान - अधिकतम तापमान
27 फरवरी - 12 - 22
28 - 12 - 26
29 - 14 - 27
1 मार्च - 17 - 31
2 - 17 - 32
3 - 12 - 27
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डॉक्टर बोले
वर्तमान में मौसम में परिवर्तन आ रहा है। दिन में तेज धूप व सुबह-शाम पड़ रही सर्दी में लापरवाही न बरतें। सर्दी से पूरी तरह से बचाव करें। गर्म कपड़े पहने रहें। किसी भी तरह की समस्या होने पर चिकित्सक से परामर्श लें। लापरवाही में सर्दी जुकाम की चपेट में आ सकते हैं। साथ ही खांसी व बुखार भी आ सकता है।-डाॅ. अंबिका दुबे, फिजिशियन जिला अस्पताल
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फोटो- 13,रामकुमार रावत
खेतों में मटर की फसल पक कर तैयार हो गई है। कुछ में कटाई तक शुरू हो गई है, बारिश हुई तो फसल खराब हो जाएगी।- रामकुमार रावत
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फोटो- 14 , मनोज गोस्वामी
सरसों की फसल की कटाई का कार्य शुरू हो गया है। ऐसे में आसमान में छाए बादलों से फसल में नुकसान होने की चिंता सता रही है।-मनोज गोस्वामी
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फाेटो- 15,देवसिंह यादव
वर्तमान में फसलें पकने की अवस्था में हैं मटर व सरसों की कटाई का कार्य चल रहा है। ऐसे में मौसम का बिगड़ा मिजाज समस्या बढ़ा रहा है।- देवसिंह यादव
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फाेटो- 16
कैप्सन- कपूरे
बादल छाए रहने से बारिश होने का भय सता रहा है। बारिश होने से फसल खराब हो जाएंगी। हवा से गेहूं की फसल गिरने का खतरा है।-कपूरे, किसान
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फोटो-22, मलखान
मौसम खराब हो रहा है यदि ओलावृष्टि हो गई तो फसलों को खराब होेने से कोई बचा नहीं सकता है, आज तेज हवा चलने से किसान चितिंत है।-मलखान, धौर्रा
फोटो-23,
तेज हवा से पिछले साल भी फसल का नुकसान हो गया था। अभी भी तेज हवाएं चलने गेहूं की फसल आड़ी होने लगी है, इससे चिंता बढ़ रही है।-रामसेवक, धौर्रा
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रबी की अधिकांश फसलें पकने की अवस्था में आ गई हैं। बारिश होने से मटर, चना व मसूर और सरसों की फसल को नुकसान हो जाएगा। बारिश के साथ हवा चलने पर गेहूं की फसल गिर जाएगी। इससे नुकसान होने का खतरा बना हुआ है।- डॉ. दिनेश तिवारी, कृषि वैज्ञानिक
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