संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। कचनौंदा बांध परियोजना पूरी हो गई है। अगले रबी के सीजन में बांध से संचालित होने वाली नहरों से सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। इससे 15 गांवों के करीब 12 हजार किसानों को लाभ मिलेगा।
तहसील महरौनी के बानपुर क्षेत्र में सजनाम नदी पर वर्ष 2007-08 में कचनौंदा बांध परियोजना का निर्माण शुरू हुआ। परियोजना की लागत करीब 600 करोड़ रुपये तय की गई थी। बांध की लंबाई 4.10 किलोमीटर व ऊंचाई 16 मीटर है। बांध में पानी की क्षमता 69 एमसीएम है और उपयोगी जल क्षमता 54.63 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) है। कचनौंदा बांध में ऑटोमेटिक प्रणाली से युक्त नौ गेट लगे हैं।
इस बांध में पेयजल, औद्योगिक व सिंचाई के लिए पानी आरक्षित किया गया है। कुछ वर्ष पूर्व बांध तो बनकर तैयार हो गया था, लेकिन नहर परियोजना के निर्माणाधीन होने से इसका लाभ किसानों को नहीं मिल पा रहा था। अब करीब 40 किलोमीटर लंबी दो मुख्य नहरों का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है, इससे किसानों को इसका लाभ मिलने लगेगा।
इतने हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित
कचनौंदा बांध से 40 किलोमीटर लंबी दो मुख्य नहरें निकली हैं, जिसमें दाईं और बाईं नहरें शामिल हैं। इन नहरों से 10,850 हेक्टेयर भूमि को सिंचित किया जाएगा।
बांध निर्माण से चार गांव हुए प्रभावित
कचनौंदा बांध निर्मित होने से चार गांव कल्यानपुरा, टीकरा तिवारी, रमेशरा और दैलवारा डूब क्षेत्र से प्रभावित हुए हैं। शासन की ओर से 1520 परिवारों को पुनर्वासित करने का लक्ष्य दिया गया है।
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ये गांव होंगे लाभान्वित
बांध परियोजना से ग्राम गुगरवारा, नगरा, टोरिया, मिर्चवारा, बिल्ला, सेमरा भागनगर, बुरौगांव, कचनौंदा कलां, पुरा पाचौनी, करमई, डुलावन, टोड़ी, भैलोनी लोध, बार, बछरावनी को लाभ मिलेगा। सिंचाई परियोजना से लाभान्वित करने के लिए दो और गांवों को शामिल किया जाएगा।
फैक्ट फाइल
- 8.23 एमसीएम पानी जल जीवन मिशन को आरक्षित
- 1.64 लाख लोगों को पीने के लिए मिलेगा स्वच्छ पानी
- 8.92 एमसीएम पानी औद्योगिक उपयोग के लिए आरक्षित
- 10850 हेक्टेयर भूमि होगी सिंचित
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कचनौंदा बांध परियोजना पूरी हो चुकी है। अगले रबी के सीजन में किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होने लगेगा। करीब 12 हजार किसानों को इसका लाभ मिलेगा।
इं. भागीरथ बरुआ, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड प्रथम