ललितपुर। सरकार भले ही हर घर नल से जल योजना के तहत शुद्ध पानी मुहैया कराने का दावा कर रही है। लेकिन हकीकत यह है कि कहीं नलों से पानी नहीं मिल रहा तो कहीं पर खुले पड़े पाइपों से पानी बह रहा है। हैरत की बात तो ये है कि अर्जुन खिरिया गांव के आसपास के लोगों को पाइप लाइन से पानी प्रेशर न होने की वजह से नहीं मिल रहा है। लोगों को गड्ढों में बर्तन रखकर पानी भरना पड़ रहा है। इससे पानी प्रदूषित होने की आशंका है। ग्रामीणों का कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च कर पाइप लाइन डालने के बाद भी पानी नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि पानी न मिलने की शिकायत न तो अधिकारी सुनते और न जनप्रतिनिधि ध्यान दे रहे हैं। पेश है पाली तहसील क्षेत्र की तीन ग्राम पंचायतों का आंखों देखा हाल।
दो साल से कर रहे पानी का इंतजार
पाली। तहसील क्षेत्र के करीब एक सैकड़ा गांव बालाबेहट, कनपुरा, उमरिया, पिपरिया, हनोतिया, बम्होरी, सलैया, बंगरिया, बेचना आदि में जहां नल से जल योजना के तहत कनेक्शन तो कर दिए लेकिन पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। इससे ग्रामीणों को अभी भी पेयजल का सामना करना पड़ रहा है। इधर, नगर पंचायत की ओर से मुक्तिधाम से पाइपलाइन डाली गई थी लेकिन करीब दो साल बीतने के बावजूद लोगों को पानी नहीं मिला। महेश चौरसिया ने बताया कि पाइप लाइन डालने से आस थी कि पानी मिल जाएगा लेकिन दो साल से एक बूंद पानी नहीं मिल सका। उधर, ग्राम पंचायत धौर्रा में नल तो लगे हैं लेकिन ग्रामीणों को पानी नसीब नहीं हो रहा है। गांव के प्रकाश यादव का कहना है कि कई माह पहले नल तो लगा दिए गए लेकिन पानी आज तक नहीं मिला। जिसके चलते उन्हें हैंडपंप से पानी भरना पड़ता है।
कनेक्शन देने के बाद नहीं लगाई टोंटी
अर्जुन खिरिया। गांव एवं आसपास के क्षेत्रों में हर घर नल से जल योजना के तहत बिछाई गई पाइप लाइन से कुछ घरों में पानी आने लगा लेकिन कई मोहल्ले ऐसे हैं, जहां पानी पहुंच ही नहीं रहा है। स्थानीय लोगों ने अपने घरों के सामने गड्ढा खोद रखा है, उसी गड्ढे में बर्तन रखकर पानी भरते हैं। गड्ढे में रखने से बर्तन भी गंदा हो जाता है। पाइपलाइन डालते समय गांवों की सीसी रोड और पेपर ब्रिक्स को उखाड़ दिया गया परंतु कार्यदायी संस्था ने यथावत निर्माण नहीं किए जाने से जगह जगह गड्ढे और जलभराव की समस्या होने से बदबूदार पानी जमा हो रहा है और मच्छर पनप रहे हैं। इससे ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कनेक्शन के नाम पर एक प्लास्टिक पाइप को लाइन से जोड़कर घरों के द्वार पर छोड़ दिया, जिसमें टोंटी भी नहीं लगाई गई। टोंटी न लगे होने से सैकड़ों लीटर पानी बर्बाद होकर नालियों में बह रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की सप्लाई के लिए पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। इससे मोटर नहीं चलने में दिक्कत आ रही है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों से बात चल रही है। - इंजी. अवनीश सिंह, अधीक्षण अभियंता जल निगम