संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अमृत सरोवरों से किसानों को सिंचाई के लिए भरपूर लाभ मिल रहा है। अब मछली पालन कराकर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जाएगा। मनरेगा ने मत्स्य विभाग के साथ मिलकर कवायद शुरू कर दी है।
आजादी के 75वें अमृत महोत्सव पर सभी छह ब्लॉकों में 180 अमृत सरोवर बनाने का निर्णय लिया गया था। 104 सरोवर बनकर तैयार हो गए हैं। शेष में तेजी से काम चल रहा है। अमृत सरोवर बन जाने से बारिश का पानी सहेजा जा रहा है। इन तालाबों में सालभर पानी रहता है, इससे ग्रामीणों और किसानों को जल संकट से मुक्ति मिल रही है। खेतों की सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध हो रहा है।
किसान इन अमृत सरोवरों में संरक्षित पानी से पांच सौ एकड़ से अधिक भूमि सिंचित कर रहे हैं। इससे अच्छी गुणवत्ता की फसल उगाने में मदद मिल रही है।
तालाबों के पुनर्निर्माण के बाद अब इन अमृत सरोवरों में मछली पालन के माध्यम से लोगों की आर्थिक स्थिति मजबूत की जाएगी। मछली पालन होने से जहां लोगों को रोजगार मिलेगा, वहीं ग्राम पंचायत की आय में बढ़ोतरी होगी।