ललितपुर। नए साल में नल से जल मिलने का इंतजार कर रहे 23 गांवों के 54 हजार लोगों को नए साल पर पानी नहीं मिल पाएगा। जिले में बन रही बिल्ला मोगन परियोजना का काम तो दिसंबर में पूरा हो जाएगा, लेकिन इसके लिए पानी का इंतजाम अब तक नहीं किया गया है। बताया जाता है कि इस परियोजना को भौंरट बांध से पानी दिया जाना है, लेकिन अब तक बांध परियोजना ही पूरी नहीं हो सकी है।
जनपद में हर घर जल नल योजना के तहत 15 पाइप पेयजल परियोजनाओं का निर्माण चल रहा है। इनमें 12 पाइपलाइन पेयजल परियोजनाओं को 12 बांधों और तीन परियोजनाओं को बेतवा नदी से पानी दिया जाना प्रस्तावित है। इन्हीं में शामिल 68.51 करोड़ रुपये की बिल्ला मोगन परियोजना का काम भी तेजी से चल रहा है। इसका काम वर्ष 2020 में शुरू हुआ और दिसंबर 2022 में पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इसके लिए बानपुर में 10 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया गया है। योजना में 148.83 किलोमीटर लंबी पाइप लाइन बिछाई जानी है और 23 गांव इसमें शामिल हैं। साथ ही पेयजल के लिए 9656 नल संयोजन दिए जाएंगे। जिससे 54144 लोगों को पानी देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
मौजूदा समय में यह योजना अपने पूर्ण होने के कगार पर पहुंच चुकी है। लेकिन इस परियोजना को फिलहाल पानी मिलना संभव नहीं है। दरअसल इस परियोजना को जामनी नदी पर बने भौंरट बांध से पानी दिया जाना है, लेकिन अभी बांध का काम पूरा ही नहीं हुआ है। भौंरट बांध में अभी पानी नहीं है। ऐसे में बिल्ला मोगन परियोजना के बाद घरों में नल तो लग जाएंगे, लेकिन पानी नहीं मिल पाएगा।
कई परियोजनाएं अब तक पूरी नहीं
हर घर जल नल योजना के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में चल रही पाइप पेयजल परियोजनाओं में से अधिकांश परियोजनाओं को जुुलाई माह में पूर्ण होना था। लेकिन यह पूर्ण नहीं हो सकीं। इन्हें पूर्ण करने का समय दिसंबर तय कर दिया गया। वर्तमान में दो-तीन परियोजना में पानी सप्लाई करके टेस्टिंग शुरू कर दी गई है। जबकि कई परियोजनाएं अभी भी अधूरी हैं।
बिल्ला-मोगान पाइप पेयजल परियोजना के तहत पानी के लिए सिंचाई विभाग से वार्ता की जा रही है। जल्द ही किसी निष्कर्ष पर पहुंच जाएगी।
लवकुश त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे
भौंरट बांध परियोजना निर्माणाधीन है। डैम लेन का कार्य चल रहा है। अगले वर्ष मानसून के समय में बांध में पानी का कुछ संचय किया जाएगा। जिसका उपयोग बिल्ला-मोगान पाइप पेयजल के लिए पंप लगाकर दिया जाएगा।
इं. भागीरथ, अधिशासी अभियंता सिंचाई निर्माण खंड द्वितीय