सुदामा प्रसाद दुबे
बांसी (ललितपुर)। 26 गांवों में पेयजल के लिए 2018 में शुरू की गई बांसी-हर्षपुर पेयजल योजना ग्रामीणों की प्यास नहीं बुझा पा रही है। ग्राम पंचायत बरीकला स्थित इंटेक वेल से तेरई फिल्टर पाइपलाइन में लीकेज होने व एक मोटर खराब होने से इन गांवों में पानी का संकट गहरा गया है। करीब 50 हजार की आबादी को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्राम पंचायत बरीकला, रामपुर, तेरई फाटक, सेरवास कला, धमकना, ककड़ारी, सेरवास, जमालपुर, टेटा, हर्षपुर, असऊपुरा, बांसी, लखनपुरा, आलापुर, मुहारा, कल्याणपुरा आदि 26 गांवों की प्यास बुझाने के लिए शहजाद बांध से बांसी-हर्षपुर पेयजल योजना बनाई गई। शहजाद बांध के पास बरीकला में इंटेक वेल बना और ग्राम पंचायत तेरई में फिल्टर टैंक बनाया गया था। गांव-गांव में पानी की टंकी बनाकर पाइपलाइन डाली गई। लेकिन, करोड़ों की लागत से बनी इस योजना का पानी पांच वर्षों में भी उक्त गांवों तक नहीं पहुंच सका।
कुछ गांवों तक सप्ताह व महीने में एकाध दिन पानी पहुंचता है लेकिन, कई ऐसे मजरे हैं जहां अब पानी नहीं मिल रहा है। पहले बरीकला में इंटेक वेल के लिए रखी मोटरें लो वोल्टेज की वजह से नहीं चल पाती थीं। वोल्टेज में सुधार आया तो अब बरीकला गांव में बने इंटेक वेल से तेरई गांव में फिल्टर टैंक तक डाली गई पाइपलाइन में रिसाव से एक महीने से पानी नहीं पहुंच रहा है। थोड़ा बहुत पानी लाइन में पहुंचा तो फिल्टर टैंक में सप्लाई करने के लिए रखी दो मोटर में एक खराब हो गई। जल निगम ने इसकी मरम्मत और व्यवस्था के लिए एक कंपनी को एक वर्ष से ठेका दे रखा है, इसके बाद भी समस्या का निदान नहीं हो पा रहा है।