मड़ावरा। वर्णीनगर में श्री महावीर विद्या विहार में आचार्य विद्यासागर महाराज के अष्टम निर्यापक श्रमण मुनि अभय सागर महाराज ससंघ के सानिध्य एवं प्रदीप जैन के निर्देशन में श्रीअर्हचक्र चौबीसी समवशरण महामंडल विधान का आयोजन श्रद्धा, भक्ति व आराधना के साथ चल रहा है।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए श्रमण मुनि अभय सागर महाराज ने कहा कि समवशरण महामंडल विधान के माध्यम से आयोजन के मुख्य पात्र एवं इंद्र-इंद्राणी असीम पुण्य का संचय कर रहे हैं। विधान में परिणामों में विशुद्धि भी बढ़ती है। इससे पूर्व प्रात:काल नगर में चक्रवर्ती की दिग्विजय यात्रा निकाली गई। जिसमें दिव्य घोष के पीछे घोड़ा -बग्घी पर विधान के मुख्य पात्रों के परिजन थे साथ मे इंद्र-इंदाणी एवं युवा वर्ग दिव्य घोष की धार्मिक स्वर लहरियों पर थिरकते हुए चल रहे थे। दिग्विजय यात्रा निकाली गई जो प्रमुख आकर्षण का केंद्र रही। सायंकाल भव्य संगीतमयी महाआरती करने का सौभाग्य सवाई सिंघई, श्रेयांश कुमार जैन परिवार को प्राप्त हुआ। मुनिश्री ससंघ को शास्त्र भेंट करने एवं ध्वजारोहण करने का सौभाग्य डॉ. बिरधी चंद्र जैन, डॉ. विकास जैन,डॉ. विशाल जैन, मुकेश परिवार को प्राप्त हुआ। आयोजन को सफल बनाने में नगर की स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग प्राप्त हो रहा है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राकेश जैन सिंघई एवं मंत्री राजेश जैन सौंरया ने किया।
चक्रवर्ती के दरबार में किया गया शंका समाधान
चातुर्मास समिति के महामंत्री डॉ. राकेश सिंघई ने बताया कि रात्रि में प्रदीप जैन सुयश के निर्देशन में चक्रवर्ती का दरबार लगाया गया। जिसमें इंद्र सभा के इंद्र- इंद्राणियों ने प्रश्न किए जिनका चक्रवर्ती दरबार में शंका- समाधान कर उत्तर दिए गए। सत्येंद्र शर्मा एंड पार्टी कंठस्थ कला केंद्र दिल्ली द्वारा चक्रवर्ती दरवार में प्रस्तुति करण में मुख्य भूमिका रही।