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दागदार हो रही वर्दी, पीड़ितों का उठ रहा विश्वास

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ललितपुर। पुलिस व थाने पीड़ितों के लिए जहां न्याय के आस जगाते हैं, वहीं यदि थानों में वर्दीधारी ही उनकी सुरक्षा के लिए खतरा बन जाएं तो लोगों का खाकी से विश्वास कम हो जाता है। ऐसे ही कुछ मामले पिछले कुछ समय से ललितपुर जनपद की खाकी के आ रहे हैं। जिसके तहत पुलिस से परेशान होकर थाने में फांसी लगाने का या फिर थाना परिसर में ही थानाध्यक्ष द्वारा तेरह वर्षीय किशोरी से दुष्कर्म का मामला हो या फिर दरोगा द्वारा महिला को निर्वस्त्र कर मारपीट का मामला, इससे पुलिस की छवि दागदार हो गई है।
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केस एक-
ग्राम पटऊआ निवासी एक ग्रामीण की शिकायत पर डायल 112 पुलिस गांव में रहने वाले फूल सिंह के पुत्र तेजराम (32) को बीते एक वर्ष पहले 27 अगस्त की रात पकड़कर थाने लाई थी। आरोप था कि तेजराम शराब के नशे में गाली गलौज कर रहा है। उसे थाने में बैठा लिया गया था। शनिवार को सुबह से थाने में समाधान दिवस चल रहा था।इसमें अपर जिलाधिकारी भी मौजूद थे। दोपहर लगभग 12 बजे पुलिस हिरासत में बैठा तेजराम थाने में बने टॉयलेट में लघुशंका के लिए गया, जहां उसने अपनी शर्ट का फंदा गले में डालकर दीवार पर लगे कुंदे से फांसी लगा ली थी। जब पुलिस कर्मियों ने देखा तो उसे तत्काल फंदे से उतारकर बिरधा अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। पुलिस उसे जिला अस्पताल ले गई थी, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इस मामले में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक निखिल पाठक ने उदासीनता बरतने पर थाना प्रभारी समेत घटना के समय मौजूद सभी पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया था और घटना की जांच के आदेश दिए थे।
केस दो-
ललितपुर के महरौनी थाना में तैनात महिला दरोगा व पुलिस कर्मी ने साढ़े चार माह पहले 14 अप्रैल को चोरी के शक में महिला को कमरे पर ले जाकर थर्ड डिग्री का प्रयोग किया। आरोप है कि उसके कुछ न बता पाने पर पुलिस कर्मी के साथ महिला दरोगा ने उसे निर्वस्त्र कर बेल्ट से पीटा। पीड़िता परिजनों के साथ गाड़ी में लेटकर एसपी कार्यालय पहुंची और दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
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केस तीन-
बीते एक माह पहले ही कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अमरपुर में भारत एक्सकप्लोसिव फैक्टरी के कर्मचारियों द्वारा हाईवे किनारे बने ढाबा का कब्जा हटाने के दौरान पूर्व प्रधान ने पेट्रोल उड़ेलकर आत्महत्या कर ली थी, जिसके चलते पूरे दिन हाईवे पर बवाल होता रहा था और इस मामले में खुद आईजी जोन कानपुर एवं डीआईजी झांसी ने घटना स्थल का निरीक्षण करते हुए तत्कालीन कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को निलंबित कर दिया था।
केस चार
सामूहिक दुष्कर्म पीड़िता किशोरी से पाली थाने में करीब तीन माह पहले तत्कालीन थानाध्यक्ष तिलकधारी सरोज ने दुष्कर्म किया था। इस मामले में तत्कालीन एसपी ने आरोपी थानाध्यक्ष के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले में एसपी ने उस समय थाने में तैनात पूरे स्टाफ को लाइन हाजिर कर दिया था। मामले में अब तक 13 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं। अब यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है।
आठ माह पहले मिली थी सीबीसीआईडी को जांच
ललितपुर। कोतवाली क्षेत्र के ग्राम विघाखेत ग्राम दुर्जनपुरा में दो वर्ष पहले 29 अप्रैल 2020 को पेड़ पर फांसी के फंदे पर लटके मिले ग्राम बस्तगुवां निवासी भगवत सिंह के शव के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की संस्तुति पर 30 दिसंबर 2021 को उक्त प्रकरण की जांच सीबीसीआईडी को सौंप गई थी, इसके बाद करीब पांच माह पहले सीबीसीआईडी से पुलिस अधीक्षक एलबी एंटोनी एवं उनकी टीम ने ललितपुर आकर मामले में कोतवाली ललितपुर में आकर तत्कालीन थानाध्यक्ष बार निगवेंद्र प्रताप सिंह के बयान लिए थे, वहीं टीम ने ग्राम बस्तगुवां पहुंचकर भी पीड़िता महिला के बयान लिए थे।
-तत्कालीन थानाध्यक्ष बार निगवेंद्र प्रताप सिंह जनपद में शहर कोतवाली प्रभारी, जाखलौन थानाध्यक्ष, बार थानाध्यक्ष, बानपुर थानाध्यक्ष समेत कई थानों में तैनात रहे। वहीं वर्तमान में वह जनपद जालौन में डायल 112 प्रभारी हैं। वहीं हेड कांस्टेबल नरेंद्र सिंह वर्तमान तेरई फाटक चौकी तालबेहट में तैनात है।
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