शिक्षक रत्नेश लिटौरिया की डायरी में भी विषयवार पाठ्यक्रम का विभाजन नहीं था। कुछ बच्चों की कापियां बनी थीं तो कुछ बच्चों ने अपनी कापियां नहीं बनाई थी। जब मध्याह्न भोजन रजिस्टर मांगा गया तो प्रधानाचार्य टाल मटोल कर गए। इस पर उन्होंने चेतावनी निर्गत कराने के लिए प्रबंध तंत्र को पत्र लिखने के लिए कहा। कक्षाओं का अवलोकन किया। इस दौरान छात्र उपस्थिति पंजिका में पाया कि बच्चों के स्थान खाली छोड़ दिए गए हैं, जबकि पिछले दिनों में छात्र उपस्थिति शत -प्रतिशत दर्शाई गई। इस पर उन्होंने कक्षा अध्यापक के साथ प्रधानाचार्य का भी स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।