नाराहट क्षेत्र के ग्राम तरावली निवासी राघवेंद्र लोधी गांव में ही अपनी और अपने परिजनों की सात एकड़ जमीन पर खेती करता था। कुछ दिनों पूर्व ही उसने उड़द की फसल की कटाई की थी, लेकिन सात एकड़ जमीन में करीब छह बोरा ही उड़द निकला था। जिसकी वजह से काफी परेेशान था। वह कई बार परिवार में भी उड़द की फसल कम होने और आर्थिक तंगी की वजह से परेशान होने की बात कहता था
ललितपुर के थाना नाराहट क्षेत्र के ग्राम तरावली निवासी राघवेंद्र (22) पुत्र संतोष लोधी ने बृहस्पतिवार रात खेत में लगे पेड़ पर फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों ने उड़द की फसल खराब हो जाने के कारण फांसी लगाने की बात कही है। जानकारी मिलने पर नाराहट पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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नाराहट क्षेत्र के ग्राम तरावली निवासी राघवेंद्र लोधी गांव में ही अपनी और अपने परिजनों की सात एकड़ जमीन पर खेती करता था। कुछ दिनों पूर्व ही उसने उड़द की फसल की कटाई की थी, लेकिन सात एकड़ जमीन में करीब छह बोरा ही उड़द निकला था। जिसकी वजह से काफी परेेशान था। वह कई बार परिवार में भी उड़द की फसल कम होने और आर्थिक तंगी की वजह से परेशान होने की बात कहता था, लेकिन परिवारजन उसे समझा देते थे।
बृहस्पतिवार शाम को वह नाराहट में बाजार करने और लौटते समय खेत पर जाने की बात कहकर घर से निकल गया। जब वह शाम को काफी देर तक घर नहीं लौटा तो परिजनों ने खेत व आसपास गांव में जाकर खोजबीन की, लेकिन उसका कहीं कोई पता नहीं चल सका। सुबह परिजनों ने फिर खोजबीन की तो उसका शव पास में ही स्थित खेत में मुनगा के पेड़ पर रस्सी के फंदे पर लटका मिला।
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जानकारी मिलने पर थाना नाराहट पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के पिता संतोष लोधी ने बताया कि उसका बेटा खेती करता था और उसकी इस बार उड़द की फसल खराब हो गई, जिससे काफी कम फसल निकली है। इसी वजह से वह परेशान था। मृतक अविवाहित था और चार भाई व एक बहन में तीसरे नंबर का था।