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Lalitpur News: फाइनेंस कंपनी के खिलाफ कार्रवाई न होने से परेशान युवक ने सीएम के जनता दरबार के बाहर पीया जहर

Wed, 26 Jul 2023 12:38 AM IST
झांसी ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ललितपुर
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महरौनी पुलिस ने भी नहीं की सुनवाई, 14 जुलाई से 22 जुलाई तक लखनऊ में करता रहा सीएम से मिलने की कोशिश
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ललितपुर। फाइनेंस कंपनी के मशीन ले जाने और धोखाधड़ी का मुकद्मा दर्ज होने के बाद कार्रवाई न होने से परेशान युवक ने पुलिस अफसरों से गुहार लगाई, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। थक हारकर युवक मुख्यमंत्री के पास फरियाद लेकर लखनऊ पहुंचा। यहां मुख्यमंत्री से न मिल पाने के बाद उसने जनता दरबार के बाहर जहर पर लिया। इससे पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। लखनऊ में पुलिसकर्मियों ने एंबुलेंस बुलाकर युवक को अस्पताल पहुंचाया। इसके बाद ललितपुर से पुलिस टीम को भेजकर युवक को महरौनी वापस लाया गया।
कोतवाली महरौनी अंतर्गत ग्राम जखौरा निवासी पुष्पेंद्र सिंह 13 जुलाई को घर से फाइनेंस कंपनी के खिलाफ दर्ज कराए गए मुकदमे में कोई कार्रवाई न होने की शिकायत लेकर सीएम जनता दरबार लखनऊ के लिए गया था। यहां 14 जुलाई को वह मुख्यमंत्री दरबार में पहुंचा और प्रार्थना पत्र देकर मुख्यमंत्री से मिलने की गुहार लगाई। लेकिन पुलिस ने उसे नहीं मिलने दिया। इसके बाद पुष्पेद्र प्रतिदिन मुख्यमंत्री से मिलने को लेकर उनके दरबार में जाने लगा। लेकिन उसकी सीएम से मुलाकात न हो सकी। परेशान पुष्पेंद्र ने 22 जुलाई को जनता दरबार के बाहर फिनायल पी लिया। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने आनन फानन एंबुलेंस बुलाकर पुष्पेंद्र को अस्पताल पहुंचाया। इधर पुष्पेंद्र के जहर पीने की सूचना ललितपुर पुलिस अधीक्षक को लखनऊ से दी गई। ललितपुर एसपी ने महरौनी पुलिस को सूचना देकर एक उपनिरीक्षक सहित पुलिसकर्मियों को लखनऊ भेजा। पुलिस उसे महरौनी लेकर आई।
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यह है मामला

पुष्पेंद्र सिंह की बहन की शादी शहर के मोहल्ला आजादपुरा निवासी धीरज सिंह से हुई थी। उसने एक निजी फाइनेंस कंपनी से 28 मार्च 2018 को एलएनटी हाइड्रोलिक मशीन का फाइनेंस कराया था। लोन की किस्तें समय से जमा करने के बाद भी फाइनेंस कंपनी वाले 5 सितंबर 2019 को गोविंद सागर बांध तिराहा के पास से उसकी मशीन उठा ले गयेे। धीरज सिंह ने कंपनी के लोगों से संपर्क किया तो बताया कि वह उसके द्वारा दिए गए 2.60 लाख के चेक को क्लियर करा दे तो वह मशीन वापस कर देंगे। इस पर धीरज ने 7 सितंबर 2019 को चेक क्लियर करा दिया। लेकिन उक्त लोगों ने मशीन वापस नहीं की। धीरज ने 5,00,000 रुपया फाइनेंस कंपनी की शाखा भोपाल मध्य प्रदेश में जमा कर दिया था। इसके बाद भी फाइनेंस कंपनी वाले 18 लाख रुपया की मांगने लगे। आरोपियों ने मशीन को बेच दिया। इसका सदमा धीरज को लगा और हार्ट अटैक से उसकी मौत हो गई थी। धीरज की मौत होने के बाद धीरज की पत्नी बबली ने 22 अगस्त 2020 में धोखाधड़ी का मुकदमा आधा दर्जन के आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया था। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
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