शासन द्वारा भेजी गई ट्रू- नाट मशीन से स्थानीय लोगों की कोरोना जांच में अधिक लाभ नहीं मिलेगा। जांच मशीन में कोरोना पॉजीटिव केस के मामले में कोई रिपोर्ट नहीं दी जाएगी, इसलिए उसके लिए झांसी की जांच पर ही निर्भर रहना पड़ेगा। यह मशीन केवल निगेटिव लोगों की ही रिपोर्ट बताएगी। ऐसे में जो लोग यह मानकर चल रहे थे कि मशीन आने से लोगों की जांच जल्द होने लगेगी, उन्हें इससे मायूसी हाथ लगी है। क्योंकि, झांसी से सैंपल लेकर जांच कराने में दो से तीन दिन लग जाते हैं।