ललितपुर। केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाले 11वीं के आदिवासी छात्र ने सोमवार देर रात अपने कमरे में रस्सी के फंदे पर लटक कर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने अज्ञात कारण के चलते आत्महत्या करना बताया है।
थाना बालाबेहट अंतर्गत ग्राम महोली निवासी दर्शन (18) पुत्र प्रकाश का शव सोमवार रात करीब 12 बजे अपने घर के अंदर कमरे के पंखे पर रस्सी के फंदे पर लटकता मिला। मृतक के चाचा किशन ने बताया कि दर्शन ललितपुर में बुढवार मार्ग पर स्थित केंद्रीय विद्यालय में कक्षा 11वीं में पढ़ता था। परीक्षा समाप्त होने के बाद करीब चार माह से वह गांव में ही अपने माता-पिता संग रह रहा था। सोमवार रात को दर्शन ने अपनी मां, भाई और बहन संग खाना खाया और कमरे में सोने चला गया। रात करीब 12 बजे मां कुसुम नींद से जागी तो कमरे में दर्शन रस्सी के फंदे पर लटक रहा था। कुसुम ने इसकी जानकारी अन्य परिजनों को दी। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। चाचा किशन ने अज्ञात कारण के चलते आत्महत्या करना बताया है। बताया कि दर्शन का पिता प्रकाश सूरत में मजदूरी करता है। उसे सूचना दे दी गई है। थानाध्यक्ष बालाबेहट राजपाल सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था। आत्महत्या के कारणों की जांच कराई जा रही है।
दादी के साथ शहर की कॉलोनी में रहकर कर रहा था पढ़ाई
केंद्रीय विद्यालय में दर्शन कक्षा एक से पढ़ाई कर रहा था। वह बुढवार मार्ग पर स्थित कॉलोनी में अपनी दादी जशोदा के साथ रहता था और पढ़ाई करता था। जशोदा भी यहां रहकर मजदूरी करती थी।
इस साल 11वीं में हो गया था फेल
चाचा किशन ने बताया कि इस साल गर्मी की छुट्टी होने के बाद दर्शन अपनी दादी के साथ ललितपुर से गांव आ गया था। इस दौरान उसका कक्षा 11वीं का रिजल्ट आया। जिसमें वह फेल हो गया था।
पिता खुद अशिक्षित लेकिन चारों बच्चों पढ़ा रहे
दर्शन के पिता प्रकाश के दो पुत्र व दो पुत्रियां हैं। खुद अशिक्षित होने के बाद भी प्रकाश अपने सभी बच्चों को पढ़ा रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में किसी प्रकार की कोई कमी न रह जाए, इसके लिए प्रकाश मेहनत-मजदूरी करता था।
वर्जन..
दर्शन विद्यालय नहीं आ रहा था। उसने पढ़ाई छोड़ दी थी। इस वजह से उसके बारे में कोई जानकारी नहीं दे सकती है। - मिनी वर्मा, प्रधानाचार्य, केंद्रीय विद्यालय।