भोपाल से झांसी की ओर जा रही मालगाड़ी रविवार को सुबह करीब 11.26 बजे जीरोन रेलवे स्टेशन के पास पहुंची थी, तभी खंभा नंबर 1033/14-18 के मध्य मालगाड़ी की कपलिंग (मालगाड़ी के दो डिब्बों को जोड़ने वाला पार्ट) खुल गई। जिसके चलते इंजन से जुड़े हुए कुछ डिब्बे आगे बढ़ गए। जबकि कपलिंग खुलने के बाद बाकी डिब्बे पीछे ही रह गए।
भोपाल से झांसी की ओर जा रही एक मालगाड़ी रविवार सुबह जीरोन रेलवे स्टेशन के पास दो भागों में बंट गई। तीसरी रेलवे लाइन पर काम कर रहे एक कर्मचारी ने यह देख कंट्रोल रूम को सूचना देकर मालगाड़ी रुकवाई। तब तक मालगाड़ी लगभग पांच खंभे पार कर गई थी।
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भोपाल से झांसी की ओर जा रही मालगाड़ी रविवार को सुबह करीब 11.26 बजे जीरोन रेलवे स्टेशन के पास पहुंची थी, तभी खंभा नंबर 1033/14-18 के मध्य मालगाड़ी की कपलिंग (मालगाड़ी के दो डिब्बों को जोड़ने वाला पार्ट) खुल गई। जिसके चलते इंजन से जुड़े हुए कुछ डिब्बे आगे बढ़ गए। जबकि कपलिंग खुलने के बाद बाकी डिब्बे पीछे ही रह गए।
तीसरी रेलवे लाइन पर काम कर रहे कर्मचारी देवेंद्र प्रजापति ने यह देखते ही तत्काल सूझबूझ दिखाते हुए कंट्रोल रूम को सूचना दी। कंट्रोल रूम से जानकारी मिलने पर इंजन के चालक ने मालगाड़ी को रोक लिया। इसके बाद मालगाड़ी को बैक करते हुए कपलिंग को जोड़ा गया। इस दौरान कोई अन्य ट्रेन नहीं होने और रेलवे कर्मचारी की सूझबूझ के चलते बड़ा हादसा होने से बच गया।
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जीरोन रेलवे स्टेशन के पास एक मालगाड़ी कपलिंग खुलने से दो भागों में बंट गई थी। जानकारी मिलने पर रेलवे कर्मचारियों ने कपलिंग को जोड़ लिया और आधा घंटा बाद मालगाड़ी को आगे रवाना किया गया। -मनोज कुमार सिंह, पीआरओ, रेलवे झांसी।