संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। प्रमुख पर्यटन स्थल में शामिल बंदरगुढ़ा तक आसानी से पहुंचने के लिए 1.21 करोड़ रुपये से करीब 800 मीटर सड़क बनाई जाएगी। इस कार्ययोजना को वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। जल्द ही निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
विंध्याचल की तलहटी होने के कारण यहां कई प्राकृतिक पर्यटन स्थल हैं। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के निर्देश पर इन स्थलों का विकास कराया जा रहा है। इन्हीं पर्यटन स्थल में बंदरगुढ़ा है, जोकि जिले का हिल स्टेशन भी है। यहां विंध्याचल पर्वत पहाड़ी के नीचे बेतवा नदी बहती है। यहीं जाखलौन पंप कैनाल भी है, जिसमें बेतवा नदी से मोटरों के जरिए पानी लिफ्ट कराकर नहर के जरिए सिंचाई के लिए उपलब्ध कराया जाता है। बंदरगुढ़ा तक जाने के लिए सड़क काफी खस्ताहाल हो गई थी, जिससे सैलानियों को पहुंचने में परेशानी आ रही थी। नहर की पुलिया से रेस्ट हाउस तक की 800 मीटर सड़क निर्माण की कार्ययोजना तैयार कर शासन को भेजी गई थी। अब सड़क निर्माण की 1.21 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को शासन से वित्तीय स्वीकृति मिल गई है। बंदरगुढ़ा में सैलानी बढ़ने से यहां के लोगों को रोजगार के साधन भी उपलब्ध होंगे।
पर्यटन स्थलों को देश-प्रदेश स्तर पर पहचान दिलाने की चल रही कवायद
प्रकृति ने जनपद को नैसर्गिक स्थलों से मालामाल किया है। जिलाधिकारी ने पर्यटन स्थलों को देश-प्रदेश स्तर पर पहचान दिलाने के लिए इन क्षेत्रों का विकास करने की योजना बनाई है। तालबेहट का किला, बार का चंदन वन, मदनपुर का वन क्षेत्र, पांडव वन, पाली का नीलकंठेश्वर मंदिर, देवगढ़, मुचकुंद गुफा, अमझराघाटी, बंट का च्यवन आश्रम का झरना, कनकद्दर वाटरफॉल, रणछोरधाम, दूधई, चांदपुर-जहाजपुर सहित अन्य पर्यटन स्थलों का पर्यटन विकास कराने की कवायद चल रही है।
बंदरगुढ़ा में सैलानी आसानी से पहुंच सकें, इसके लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर 1.21 करोड़ रुपये की लागत से 800 मीटर सड़क निर्माण की कार्ययोजना बनाई गई थी। जल्द ही सड़क का निर्माण शुरू हो जाएगा। सड़क बन जाने से यहां अधिक संख्या में सैलानी आएंगे।
हेमलता, पर्यटन अधिकारी/सचिव पर्यटन एवं संस्कृति परिषद