ललितपुर। जिले में संचालित हो रहे सात बालू की घाटों पर खनन का कार्य एक जुलाई से तीन माह के लिए बंद कर दिया गया है। शासन के निर्देश पर बारिश के मौसम में खनन बंद किया गया है। अब अक्तूबर माह में ही बालू के खनन का कार्य शुरू हो सकेगा। बारिश के मौसम में नदियों का जलस्तर बढ़ने के चलते कई बार बाढ़ की स्थिति बन जाती है। इससे नदी किनारे के आसपास के इलाकों में आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसी स्थिति में शासन के निर्देश पर बारिश के मौसम में एक जुलाई से तीन माह के लिए बालू के खनन पर रोक लगा दी गई है। जिला खान अधिकारी नवीन कुमार दास ने बताया कि एक जुलाई से तीस सितंबर तक नदी के घाटों में किसी भी प्रकार के खनन पर रोक लगाने के निर्देश जारी किए गए हैं। अब इस अवधि में पट्टाधारक भी कोई खनन नहीं कर सकेंगे। जिले में सात स्थानों पर बालू का खनन कार्य तालबेहट व महरौनी क्षेत्र में नदी के घाटों पर होता है। उधर, बालू खनन का कार्य बंद होने की दशा में पक्का मकान व बिल्डिंग बनाने के कार्य की तैयारी में जुटे लोगों को काफी परेशानी होगी। नदियों में बालू का खनन बंद होने से बालू के दामों में उछाल हो सकता है, जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ेगा।