फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lalitpur News: ईवीएम पर सवाल उठाने वाले अब तक नहीं पकड़ सके गड़बड़ी

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

ललितपुर। कई राजनीतिक दल ईवीएम पर भले ही सवालिया निशान लगा रहे हों, लेकिन छह स्थानों पर लगाए गए ईवीएम जागरूकता कैंपों में अब तक 1365 लोगों ने 1765 मत डालकर मशीन को आजमा चुके हैं, पर अब तक कोई गड़बड़ी नहीं पकड़ सके।
निर्वाचन आयोग ने ईवीएम के प्रति भ्रामक खबरों के चलते जाकरूकता कैंप लगाने का निर्णय लिया है। यह कैंप मुख्यालय के अलावा तहसील मुख्यालयों पर भी लगाया जा रहा है। जिलाधिकारी कार्यालय व तालबेहट, महरौनी, ललितपुर, मड़ावरा व पाली में तहसील मुख्यालय पर ये कैंप लगाए गए हैं। आम जनता एवं राजनीतिक दल के लोग पूरी तसल्ली से यह देख सकते हैं कि किस प्रकार ईवीएम काम करती है। साथ ही कोई समस्या व शंका हो तो वे इसका समाधान कर सकते हैं।
विज्ञापन

-
कैंप की जानकारी नहीं थी, जागरूकता कैंपों में ईवीएम से वोट डालकर जो भी शंका है, उसे दूर करेंगे। वर्तमान में ईवीएम राष्ट्रीय मुद्दा है।
नेपाल सिंह, सपा जिलाध्यक्ष।

पार्टी के लोग वहां गए हैं, लेकिन ईवीएम में गड़बड़ी की आशंकाओं को नकारा नहीं जा सकता। इस संबंध में निर्वाचन आयोग व राष्ट्रपति को शिकायत दे चुके हैं।
चंद्रभान सिंह बेसरा, जिलाध्यक्ष बसपा।

जिलाधिकारी कार्यालय में लगे कैंप में गए, वहां ईवीएम से वोट भी डाले। यहां जो मशीनें हैं, वह सही काम कर रही हैं। लेकिन, इस मॉकड्रिल से स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकती।
हरदयाल सिंह लोधी, आम आदमी पार्टी।

चुनाव आयोग को जागरूकता कैंप लगाने की जरूरत क्यों पड़ी, क्योंकि ईवीएम में छेड़छाड़ हो सकती है। लोकतंत्र के लिए बैलट पेपर से चुनाव कराना आवश्यक है। मैं इन कैंपों में गया, साथ ही मॉकड्रिल में भी प्रतिभाग किया।
विज्ञापन

बलवंत राजपूत, जिलाध्यक्ष कांग्रेस।
-
छह जगहों पर ईवीएम जागरूकता कैंप लगाए गए हैं। ईवीएम वैन का भी संचालन किया जा रहा है। ईवीएम से कैसे मतदान होता है, लोगों को यह बताया जा रहा है। मास्टर ट्रेनर इन मशीनों के साथ लगाए गए हैं, वे लोगों की शंकाओं को दूर कर रहे हैं। -अक्षय त्रिपाठी, जिलाधिकारी-जिला निर्वाचन अधिकारी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें