ललितपुर। भूगर्भ जल विभाग ने जनपद की सभी वाणिज्य, औद्योगिक इकाई और सामूहिक भूगर्भ उपयोग करने वालों को सार्वजनिक नोटिस जारी किया है कि वह विकास भवन स्थित कार्यालय में अपना पंजीयन कराकर अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करें। इसके बाद छापा मारकर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जनपद में अभी मात्र 20 ही पंजीयन विभाग में हैं।
जनपद में लगातार गिरते भूगर्भ जलस्तर को बचाने के लिए अब भूगर्भ जल विभाग ने भूगर्भ जल का व्यवसायिक उपयोग करने वालों के खिलाफ अभियान प्रारंभ कर दिया है। वर्तमान में विभाग ने सार्वजनिक नोटिस जारी कर सचेत किया है कि वह विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र लेकर अपना पंजीयन करा लें तो वहीं अगर ऐसा नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ उत्तर प्रदेश भूगर्भ जल प्रबंधन एवं विनियमन अधिनियम 2019 के तहत कार्रवाई की चेतावनी दी है।
इसमें विभाग ने दो श्रेणी निर्धारित की है, जिसमें एमएसएमई (माइक्रो एवं स्माल मीडियम इंटर प्राइजेज) श्रेणी में ऐसे व्यवसायिक प्रतिष्ठान जहां पर दस हजार लीटर से कम पानी प्रतिदिन उपयोग में लाया जाता है, उन्हें विभाग में पंजीयन करना होगा। इसके लिए विभाग उनसे प्रतिमाह अधिकतम एक पैसा प्रति एक हजार लीटर लिया जाता है। इस पंजीयन से यह भी लाभ होगा कि विभाग को पता होगा कि जनपद में प्रतिदिन कितना पानी भूगर्भ का उपयोग में लिया जा रहा है। फिर इसकी पूर्ति संबंध में उपाय पर विचार किया जाएगा। इसके लिए विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन पंजीयन कराया जा सकता है।
इन श्रेणी को इस पंजीयन में किया जाएगा शामिल
बड़े औद्योगिक अस्थानों के अलावा, विद्यालय, अस्पताल, होटल, रेस्टोरेंट, लाॅज आदि के संचालकों को पंजीयन कराना आवश्यक है। जो व्यवसायिक व समाजसेवी सामूहिक संस्थान दस हजार लीटर से अधिक पानी प्रतिदिन व्यय कर रहे हैं। उन्हें पहले तो विभाग ने अनापत्ति प्रमाणपत्र लेना होगा। इसके बाद उनका पंजीयन किया जाएगा।
वर्जन
वर्तमान में भूगर्भ जल का व्यवसायिक इस्तेमाल करने वालों को सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। जिससे वह विभाग ने एनओसी प्राप्त कर पंजीयन करा लें। जो लोग पंजीयन नहीं कराएंगे, उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। - आकाश दीप, भू-भौतिकविद, भूगर्भ जल विभाग ललितपुर।