अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर-सिलावन। पांच वर्षीय बेटे के इलाज के लिए पैसे न होने पर साइकिल गिरवी रखने को गुहार लगा रहे पिता की आवाज सिस्टम तक पहुंच गई। डीएम के निर्देश पर शनिवार को जिला अस्पताल में बच्चे को भर्ती कराया गया। सीएमएस ने बताया कि बच्चा कुपोषित होने के साथ हाइड्रोनोप्रोसिस बीमारी से ग्रसित है।
विकास खंड बार अंतर्गत मोगान गांव निवासी प्रागी सहरिया का पांच साल का बेटा शंकर कई माह से दर्द से बिलख रहा था। बेबस पिता पैसा न होने के कारण उसका इलाज नहीं करा पा रहा था। जब दर्द से छटपटाते बेटे की हालत नहीं देखी जा सकी तो वह अपनी साइकिल गिरवी रखकर इलाज के लिए पैसे जुटाने निकल पड़ा। इस खबर को अमर उजाला ने शनिवार के अंक में पेज दो पर, इलाज के लिए साइकिल गिरवी रखने नहीं सिस्टम को आईना दिखाने निकला पिता, शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया। इसका संज्ञान लेकर जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने सीएमएस व प्रभारी सीएमओ से जानकारी लेकर बच्चे का इलाज करवाने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य महकमा बच्चे की खोज में जुट गया। इसी दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष नीलम बडौनियां के प्रतिनिधि दुष्यंत बडौनियां ने प्रागी की जानकारी लेकर अपनी गाड़ी उसके घर भेजी और 2100 रुपये व दो कंबल देने के साथ गाड़ी से जिला अस्पताल भेजा। सीएमएस मीनाक्षी सिंह ने बच्चे को तत्काल भर्ती कराकर उसका इलाज शुरू कराया।
कुपोषण को लेकर चले अभियान में नहीं किया गया चिह्नित
स्वास्थ्य विभाग की ओर से चल रहे कुपोषित बच्चों के लिए अभियान में पांच वर्षीय शंकर को चिह्नित न कर पाना विभाग के दावों की पोल खोल रहा है। ग्राम स्तर पर आशा कार्यकर्ता बच्चों को चिह्नित करती हैं और उन्हें पोषक आहार दिया जाता है। सुधार न होने पर सीएचसी अथवा जिला अस्पताल में एनआरसी (पोषण पुनर्वास केंद्र) में भर्ती कराया जाता है। जिला अस्पताल में आने के बाद सीएमएस ने बच्चे को देखा तो उसे कुपोषित बताया।
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बच्चा कुपोषित होने के साथ ही उसकी दोनों किडनियों में पथरी और पेशाब की नली चिपकी है। यह बीमारी हाइड्रोनोप्रोसिस कहलाती है, इसका उपचार किया जा रहा है। यदि सुधार न हुआ तो मेडिकल कॉलेज रेफर किया जाएगा।-मीनाक्षी सिंह, सीएमएस