महरौनी। खेतों में रबी की फसल की सिंचाई के लिए नहरों पर निर्भर किसानों ने महरौनी और टीकमगढ़ रजवाहा को एक साथ 10 नवंबर से खोलने की मांग डीएम से की है। साथ ही नहर की सफाई के नाम पर खानापूर्ति का आरोप लगाया है।
उन्होंने कहा कि समय पर नहरों-माइनरों में पानी आने से उन्हें फसल की सिंचाई के लिए परेशान नहीं होना होगा। किसानों का आरोप है कि नहरों की सफाई के नाम पर खानापूर्ति कर दी गई है। जामनी बांध के पास नहर की टूटी पुलिया को भी ठीक नहीं कराया गया है। किसानों ने बताया कि जामनी बांध से निकलने वाली दाहिनी जामनी नहर 25 किलोमीटर से दो भागों में बंट जाती है, जिसको महरौनी रजवहा व टीकमगढ़ रजवहा के नाम से जाना जाता है। लेकिन नहर में अच्छी तरह से सिल्ट सफाई न कराए जाने से दोनों ओर के किसानों को समय से सिंचाई के लिए पानी नहीं मिल पाता है। किसानों ने कहा कि 10 नवंबर से दोनों नहरों को एक साथ चलाना चाहिए। जिससे दोनों रजवहा के किसान समय से सिंचाई व फसलों की बुवाई कर सकें।
सिंचाई विभाग दाहिनी जामनी नहर में सफाई कार्य नहीं करा रहा है। अगर अधिकारी ऐसे ही सुस्त रहेंगे तो कैसे किसानों को समय से सिंचाई के लिए पानी मिलेगा। - पवन मोदी, किसान
सिंचाई विभाग के अधिकारी नहर की सफाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति करते हैं। जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ता है। - गोपाल सिंह, किसान
नहर की ऊपर से अच्छी तरह सफाई कर दोनों नहरों को एक साथ खोलना चाहिए। जिससे किसानों को समय से सिंचाई के लिये पानी मिल सके। - जमना प्रसाद, किसान
नहर की अच्छी सफाई विभाग द्वारा शीघ्र करा कर नहरों को खोलना चाहिए। जिलाधिकारी को किसानों की समस्या पर ध्यान देना चाहिए। - देवेंद्र सिंह, किसान जखौरा।