संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सरकार ने लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न देने का फैसला लिया है, इससे सबसे ज्यादा खुशी सिंधी समाज के लोगों को हुई है। वहीं, पुराने भाजपाई भी जिन्होंने उनके दौर में राजनीति की है, खुशी जाहिर की है। लालकृष्ण आडवाणी का जनपद से लंबा नाता है। अयोध्या में विवादित स्थल गिराने के बाद उन्हें माताटीला के निरीक्षण भवन में नजरबंद किया गया था। वहीं भारत उदय यात्रा के दौरान उन्होंने जनपद में समय गुजारा था।
वरिष्ठ समाजसेवी व पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष भगवत दयाल सिंधी ने बताया कि पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न देने का सरकार निर्णय काफी सराहनीय है। पार्टी के सच्चे सिपाही होने के साथ देश के लिए उन्होंने एक अलग दिशा प्रदान की। दो बार उनसे मिलने का मौका मिला, वह भारत उदय यात्रा के दौरान भी जनपद में आए थे।
समाजसेवी सतीश कुमार अरोरा बताते हैं कि पूर्व उपप्रधानमंत्री को भारत रत्न मिलने से पूरा समाज अपने आप को गौरवान्वित महसूस कर रहा है। आडवाणी ऐसे नेता रहे हैं, जिन्होंने समाज से ऊपर उठकर देश व राष्ट्रहित की राजनीति की है।
-
समाजसेवी व वरिष्ठ भाजपा नेता वीके सिंह सरदार ने कहा कि सरकार ने लाल कृष्ण आडवाणी को भारत रत्न देकर एक सच्चे भारतीय को सम्मान दिया है। क्योंकि आडवाणी एक विचारधारा का नाम है, भारत उदय यात्रा के दौरान तुवन मंदिर पर आयोजित कार्यक्रम में उनका स्वागत करने का अवसर मिला था। वह भारत उदय यात्रा के दौरान जनपद में एक कार्यक्रम में आए थे।