ललितपुर की कोतवाली तालबेहट अंतर्गत गांव कारीपहाड़ी में रविवार सुबह एक खेत में चारा काटने गई महिला को सांप ने डस लिया। जिससे उसकी हालत बिगड़ गई, तो परिजन उसे उपचार कराने के बजाय कई गांवों में झाड़ फूंक के लिए ले गए और झाड़ फूंक में 25 घंटे निकाल दिए।
इसके बाद भी जब लाभ नहीं हुआ तो वह अगले दिन सोमवार को सुबह तालबेहट अस्पताल ले गए, जहां पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है। तालबेहट अंतर्गत ग्राम कारीपहाड़ी निवासी मीरा (55)पत्नी गनपत रैकवार रविवार सुबह साढ़े सात बजे खेत में चारा काटने गई थी।
इस दौरान उसके पैर में सांप ने डस लिया। जिससे वह चीखने चिल्लाने लगी, तो वहां मौजूद लोगों ने सांप को लाठियों से मार दिया और परिजन महिला को झाड़ फूंक के लिए पास के ही गांव दौलता, ग्राम हर्षपुर, ग्राम रानी कोड़र ले गए, लेकिन वहां लाभ नहीं हुआ तो लोगों के बताए अनुसार वह उसे मध्य प्रदेश के जिला टीकमगढ़ के पास स्थित बगाज माता मंदिर ले गए, लेकिन वहां भी उसे कोई लाभ नहीं हुआ और उसकी हालत बहुत अधिक बिगड़ गई एवं बेसुध होने लगी।
इसमें उनके करीब 25 घंटे से अधिक का समय निकल गया। जिस पर परिजन अंतत: उसे रविवार की सुबह करीब नौ बजे तालबेहट स्थित अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया। मृतका की पांच बेटियां व एक बेटा है।
मृृतका के परिवारजन देवीलाल ने बताया कि उनके गांव में सांप के डसने पर अधिकांश लोग पहले पीड़ित को झाड़ फूंक के लिए ले गए। जिस पर कई लोगों को लाभ हुआ और वह जीवित है। ऐसे में वह सभी महिला को झाड़ फूंक के लिए कई गांवों में ले गए, लेकिन उसे नहीं बचा सके।