शासन और प्रशासन स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों पर कितनी ही लगाम कसें लेकिन कर्मचारी अपनी हरकतों से बाज आने वाले नहीं हैं। शुक्रवार को नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर सुबह एक घंटे तक चिकित्सा अधीक्षक सहित अधिकांश चिकित्सक और कर्मचारी नहीं पहुंचे थे। चिकित्सालय में गंदगी का अंबार था। मरीज चिकित्सक के आने का इंतजार कर रहे थे। हैरत की बात तो यह है कि इस अस्पताल को सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने गोद लिया है। इसके बाद भी अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
सरकार ने क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सीएचसी खुलवाया। इसके बाद करोड़ों रुपये की लागत से मेटरनिटी विंग की स्थापना कराई। सीएचसी को क्षेत्रीय विधायक ने गोद ले रखा है। इसके बावजूद यहां व्यवस्थाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। विभागीय अधिकारियों ने चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की लेटलतीफी पर लगाम कसने के लिए कई निरीक्षण किए।
लेकिन अधिकारियों के स्थानांतरण के बाद कर्मचारी फिर से बेलगाम नजर आने लगे हैं। शुक्रवार को सुबह नौ बजे सीएचसी का जायजा लिया तो वहां चिकित्साधीक्षक सहित अधिकांश चिकित्सक और कर्मचारी गैर हाजिर थे। जनरल ओपीडी, आयुष ओपीडी, प्रयोगशाला और दंत चिकित्सक कक्ष में कोई नहीं था। केवल तीन पर्चें बने थे। दवा वितरण कक्ष और एक्स रे कक्ष में टेक्नीशियन मौजूद थे।
चिकित्सक का इंतजार करती महिला मरीज
सीएचसी में पेट दर्द के कारण अपना उपचार कराने आई तालबेहट निवासनी खुमनिया ने बताया कि वह सुबह अपना उपचार कराने आई थी। चिकित्सक न आने के कारण वह उनका इंतजार कर रही है। वही खांदी से आए शंकर रैयकवार ने बताया कि वह भी काफी देर से चिकित्सक का इंतजार कर रहा है।
सीएचसी में अंदर और बाहर गंदगी का आलम मिला। शौचालयों में बदबू आ रही थी। इसके अलावा बाहर परिसर में भी काफी गंदगी पसरी थी। ऐसे लगता था कि यहां कई दिनों से यहां की साफ सफाई नहीं की गई हो।
रात में आपातकालीन सेवा के दौरान आने वाले मरीजों के लिए कक्ष बने हैं। इन कक्षों में पलंगों पर बिछी चादरें गंदी और बेतरतीब थी। इस संबंध में जब वहां मौजूद कर्मचारियों से रात में आने वाले मरीजों की संख्या के बारे में जानकारी ली तो सभी ने एक दूसरे पर पल्ला झाड़ लिया।
कुछ दिन पहले की किया था प्रभारी सीएमओ ने निरीक्षण
बताते चलें कि 14 और 15 जुलाई को तत्कालीन प्रभारी सीएमओ डॉ.अजय भाले ने सीएचसी का औचक निरीक्षण कर चिकित्साधीक्षक सहित चिकित्सकों एवं कर्मचारियों को गैर हाजिर पकड़ कर उनसे स्पष्टीकरण मांगा था। लेकिन उनके झांसी स्थानांतरण होने के बाद एक बार फिर से सीएचसी में कार्यरत चिकित्सक और कर्मचारी पूरी तरह से लापरवाह हो गए हैं।
आम जनता को किसी भी तरह की कोई समस्या नहीं है। डॉ. नीरज और डॉ. शिल्पा सीएचसी में मौजूद थे। जो चिकित्सक गैर हाजिर थे वह अन्य कार्यों में व्यस्त थे। मुझे दस से पांच बजे तक कार्यालय में बैठना होता है। डॉ. अजय खरे, चिकित्सा अधीक्षक तालबेहट।