ललितपुर-महरौनी मार्ग पर गांव छपरट में जामनी नदी पर साढे़ बारह करोड़ की लागत से बने पुल की सड़क तीन घंटे की बारिश भी नहीं झेल पाई। शुक्रवार को उद्घाटन से पहले ही सड़क दोनों ओर धंस गई। इतना ही नहीं सड़क के दोनों ओर लगी रैलिंग भी उखड़ गई।
महरौनी तहसील को जाने वाले मार्ग पर गांव छपरट से होकर गुजरी जामनी नदी पर बना पुराना छपरट पुल खस्ताहाल हो गया था। पुल की ऊंचाई भी काफी कम थी। बारिश में जामनी बांध के गेट खुलने से इस पुल के ऊपर कई फुट तक पानी आ जाता था। जिससे महरौनी क्षेत्र पूरी तरह से जिले से कट जाता था। यहां लंबे समय से नया पुल बनाने की मांग की जा रही थी।
दो साल पहले जनवरी 2020 में शासन ने यहां 12 करोड़ रुपये की लागत से पुल निर्माण को मंजूरी दी। पुल बनाए जाने का काम सेतु निगम को दिया गया। अब पुल का निर्माण पूरा हो गया है। यहां सड़क निर्माण के साथ-साथ, पुल के दोनों किनारों पर लोहे की रैलिंग भी लगाई गई है। इस पुल का कुछ समय बाद उद्घाटन होना बाकी है।
बृहस्पतिवार शाम को हुई बारिश में पुल के निर्माण की गुणवत्ता की पोल खुल गई। तीन घंटे की बारिश में पुल के दोनों ओर की सड़क धंस गई और बड़ी-बड़ी दरारें आ गई। इतना ही नहीं सड़क के किनारे लगी लोहे की रैलिंग भी धंस गई। उद्घाटन से पूर्व ही पुल पर बनी सड़कों व रेलिंग की यह हालत देखकर क्षेत्र के लोग कार्यदायी संस्था के गुणवत्ता पूर्वक काम करने के दावों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
ग्राम छपरट के पास जामनी नदी पर नवनिर्मित छपरट पुल की सड़क और रैलिंग धंस जाने की जानकारी अभी मिली है। इसकी जांच करायी जायेगी।
-डॉ रविप्रताप सिंह, उपजिलाधिकारी महरौनी