संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जमरार बांध से मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ को पानी देने की प्रक्रिया अब शासन स्तर पर पहुंच गई है। एमपी शासन ने यूपी शासन स्तर पर पत्र लिखकर एक एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी छोड़ने की मांग की है। उम्मीद है कि एक-दो दिन में बांध से पानी छोड़ने की अनुमति शासन से मिल जाएगी।
मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ में पेयजल आपूर्ति करने वाले कुंडेश्वर के पास बने वरीघाट में भीषण गर्मी के चलते जलस्तर कम होता जा रहा है। 24 मई को टीकमगढ़ कलेक्टर ने ललितपुर जिलाधिकारी को पत्र लिखकर एक एमसीएम पानी जामनी बांध से देने की मांग की थी। सिंचाई विभाग ने बांध में पानी कम बताते हुए असमर्थता जताई थी। इसके बाद टीकमगढ़ कलेक्टर ने जमरार बांध से पानी छोड़ने की मांग की। इस पत्र को सिंचाई विभाग ने मुख्य अभियंता को भेजा, लेकिन कोई निर्णय नहीं हो सका। मामला शासन स्तर का होने के चलते शासन स्तर से अनुमति मांगी। इधर शासन स्तर पर अनुमति देने में दिन गुजरने के साथ टीकमगढ़ में पेयजल संकट बढ़ता जा रहा है।
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पूर्व विधायक टीकमगढ़ ने डीएम से की पानी छोड़ने की मांग: पेयजल संकट देखते हुए टीकमगढ़ के पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव ने शुक्रवार को जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी से भेंट की और जमरार बांध से पानी छोड़ने की मांग की। जिलाधिकारी ने शासन स्तर पर जमरार बांध से पानी छोड़ने की बिंदुवार आख्या शासन को भेज दी है।
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टीकमगढ़ नगर को पानी देने के लिए पूर्व विधायक आए थे। उन्होंने जमरार बांध से पानी देने की मांग रखी थी। यह मामला शासन स्तर पर चल रहा है। पानी छोड़ने की प्रक्रिया की बिंदुवार आख्या शासन को भेज दी है।
अक्षय त्रिपाठी, जिलाधिकारी
जमरार बांध से पानी छोड़ने की अनुमति शासन स्तर से मिलनी है। यूपी-एमपी शासन के अधिकारियों के बीच बातचीत चल रही है। उम्मीद है एक-दो दिन में बांध से पानी छोड़ने की अनुमति मिल जाएगी।
इं. शीलचंद्र उपाध्याय, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई निर्माण मंडल झांसी