संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बुढ़वार के फौजपुरा में वन व सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने उपजिलाधिकारी कोर्ट में अवैध खेती कर रहे किसानों को बेदखली का आदेश सुनाया था। बृहस्पतिवार को फसल काटने के लिए राजस्व विभाग का अमला पहुंचा, इससे घबराए किसानों ने जनपद मुख्यालय पर अपर जिलाधिकारी के यहां डेरा डाला। किसान नेता भी आ गए। अपर जिलाधिकारी ने किसानों को न्याय दिलाने का आश्वासन दिया।
ग्राम पंचायत बुढ़वार के मजरा फौजपुरा में सिंचाई विभाग ने राजघाट बांध के डूब क्षेत्र में वन विभाग की भूमि जाने के एवज में उसे भूमि दी थी। यहां करीब सौ एकड़ भूमि जो वन विभाग के नाम पर दर्ज नहीं थी, उस पर सिंचाई विभाग किसानों को पट्टा कर रहा था। यह भूमि भले ही वन विभाग के नाम पर दर्ज नहीं हुई थी, लेकिन यहां विभाग पूर्व में पौधरोपण करा चुका है। इस बार वन विभाग ने जमीन मांगी, जिसके चलते सिंचाई विभाग ने इसके पट्टे नहीं किए। लेकिन गांव के लोगों ने इस भूमि पर फसल बो दी। जब इसकी शिकायत की गई तो जिला प्रशासन की टीम ने वन व सिंचाई विभाग की भूमि पर पैमाइश की तो पाया कि करीब 100 एकड़ भूमि पर जो सिंचाई एवं वन विभाग की है, उस पर किसानों ने फसल बो रखी है।
सिंचाई व वन विभाग ने उपजिलाधिकारी के यहां दावा किया। उपजिलाधिकारी ने फसल कुर्क करने के आदेश जारी किए। बृहस्पतिवार को राजस्व व पुलिस विभाग की टीम मौके पर पहुंची। किसानों ने अपर जिलाधिकारी अंकुर श्रीवास्तव के सामने उपस्थित होकर अपनी बात रखी। अपर जिलाधिकारी ने आश्वासन दिया कि जो सही रूप से जमीन पर काबिज हैं, उसकी फसल उसे सौंप दी जाएगी। बाकी फसल जब्त कर ली जाएगी। इस मौके पर किसान नेता रंजीत सिंह, शब्बीर मंसूरी, ऊदल सिंह, पहाड़ सिंह आदि मौजूद रहे।
किसानों के साथ की खुली बैठक
राजस्व व पुलिस विभाग की टीम फसल काटने पहुंची तो किसानों ने विरोध किया। उपजिलाधिकारी सदर चंद्रभूषण प्रताप सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों के साथ बैठक की। साथ ही आश्वासन दिया कि जिनके पास भूमि पर फसल बोने के अधिकार सहित दस्तावेज हैं, उन किसानों को उनकी फसल दी जाएगी।