ललितपुर। जिले में हुई सर्किल रेट वृद्धि को निरस्त कराने के लिए दाखिल की गई याचिका को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। जिलाधिकारी ने एक दिसंबर को जिले में नए सर्किल रेटों को प्रभावी किया था। एक दिसंबर को जिलाधिकारी आलोक सिंह ने लोगों के लिए संपत्ति का पंजीकरण सरलीकृत रूप से किए जाने के लिए जनपद की पांचों तहसीलों ललितपुर, मड़ावरा, महरौनी, पाली और तालबेहट का पुनरीक्षण करते हुए नए सर्किल रेट लागू किए थे। जिसको लेकर काफी विरोध हुआ था। सर्किल रेट को निरस्त कराए जाने को लेकर मुन्ना लाल जैन व अन्य लोगों ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में याचिका दायर की थी।
इस याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश ने जनहित याचिका को योग्यता के आधार पर निरस्त कर दिया। साथ में बताया गया कि इस प्रकार की जनहित याचिकाएं बिना किसी तथ्य व आम लोगों को परेशान करने के नाम पर दायर की जाती है। इस संबंध में जिलाधिकारी आलोक सिंह ने बताया कि नए सर्किल रेट से जनता को अनावश्यक मुकदमों से राहत मिलेगी। साथ ही राजस्व में भी वृद्धि होगी। किसानों व भू-स्वामियों को अपनी भूमि का उचित मूल्य मिलेगा।