रबी के बाद खरीफ की फसल पर प्रकृति का प्रकोप होने से किसानों की आर्थिक रूप से रीढ़ टूट चुकी है। साहूकारों व केसीसी से ऋण लेकर तैयार की गई फसल देखकर उम्मीदें भी बहुत थी, लेकिन समय पर बारिश नहीं होने से खरीफ की उर्द, मूंग, सोयाबीन आदि की फसल खेतों में ही पीली पड़ गई है। इससे पहले रबी की फसल भी ओलावृष्टि व बारिश की वजह से खेतों में ही सड़ गई थी। इसका अब तक पूरा मुआवजा नहीं बंट सका है। किसान खरीफ की फसल का सर्वे करने व रबी की फसल का जल्द से मुआवजा दिलाने के लिए प्रतिदिन जनपद मुख्यालय आते रहे हैं, लेकिन शुक्रवार को अखिल भारतीय लोधी महासभा युवा, स्वामी ब्रह्मानंद ब्रिगेड के आह्वान पर ट्रैक्टरों से बड़ी संख्या में किसान डीएम के सामने बात रखने के लिए आए। बाद में भारतीय किसान यूनियन सहित अन्य किसान संगठनों के किसान शामिल हो गए। तुवन मंदिर प्रांगण में एकत्रित होने के बाद किसान कलेक्ट्रेट परिसर की ओर चल दिए और कचहरी रोड पर धरना देना शुरू कर दिया, जिससे पूरा रोड जाम हो गया। हजारों की संख्या में किसान पहुंचने के बाद भी जिलाधिकारी मौके पर नहीं आए। कुछ देर बाद एसडीएम सदर रमेशचंद्र बाहर निकले और किसानों को आश्वासन देने लगे। इस बीच जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर अपने चार पहिया वाहन से आवास के लिए निकले तो किसानों ने वाहन रोक लिया। इसके बाद भी जिलाधिकारी वाहन से बाहर नहीं निकले। जब वह गाड़ी से बाहर निकले तो किसानों से बातचीत की जगह वह माइक हटाकर गाड़ी में बैठकर आगे बढ़ गए, जिससे हजारों की संख्या में मौजूद किसान नाराज हो गए। उन्होंने जिलाधिकारी सहित प्रशासन मुर्दाबाद के जमकर नारे लगाए। इस बीच एसडीएम सदर किसानों को समझाने में लगे हुए थे कि महरौनी एसडीएम महरौनी यशु रुस्तगी का वाहन निकला। किसानों ने इस वाहन को भी रोक लिया और उर्द, मूंग की मरी हुई फसल वाहन पर फेंक दी। देर तक जाम नहीं हटने पर वह पैदल वर्णी चौराहा स्थित अपने आवास के लिए निकल गईं। हालांकि, खरीफ की फसल का सर्वे करवाने व रबी की फसल का जल्द से जल्द मुआवजा दिलवाने की मांग पर किसान शांत हो गए।