ललितपुर। कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दैलवारा में एक किसान ने संदिग्ध हालात में खेत में पेड़ पर फांसी लगाकर जान दे दी। परिजन दवा छिड़कने से मटर की फसल खराब होने से तनाव के चलते फांसी लगाने की बात कह रहे हैं। जानकारी मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया
कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम दैलवारा निवासी इमरतलाल अहिरवार (50) पुत्र मलके अहिरवार बुधवार की दोपहर में करीब तीन बजे खेत पर गया था। जहां उसने किसी बात से क्षुब्ध होकर अचार के पेड़ पर साड़ी से फांसी लगा ली। तभी खेत पर मौजूद उसके पत्नी व बेटी अंजली ने उसे फांसी पर लटकते देख लिया। जिस पर उसकी पत्नी ने हंसिया से साड़ी का फंदा काट दिया, जिससे वह नीचे गिर पड़ा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
मृतक के भतीजे राकेश कुमार ने बताया कि उसके चाचा इमरत लाल ने इस बार मटर की फसल बोई थी और इसके लिए वह ललितपुर में एक दुकान से कीटनाशक दवा लेकर आए और उसका छिड़काव किया था, लेकिन उसकी फसल खराब हो गई। जिस पर वह फिर से दुकानदार के पास गया, जिस पर उसने दूसरी कीटनाशक दवा दे दी, तो उसने उसका भी छिड़काव किया, लेकिन फसल में सुधार नहीं होने से वह तनाव में चल रहा था। उसने बताया कि फसल खराब होने की चिंता के चलते उसने फांसी लगाने की संभावना जताई है। मृतक की चार बेटियां व एक बेटा है। उसकी तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। जबकि वह तीन भाई व दो बहनों में दूसरे नंबर का था। उसके नाम सवा एकड़ खेती की जमीन है।