संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। रोगियों में हृदयाघात की पुष्टि के लिए जिला अस्पताल में ट्रॉप-टी किट से जांच शुरू हो गई है। अब तक हृदयाघात होने की स्थिति में जांच न हो पाने से मरीजों को रेफर करना पड़ता था। कई मरीज समय से अस्पताल न पहुंच पाने से जान तक गवां बैठते थे, लेकिन अब अस्पताल में ही जांच के साथ उपचार भी मिल सकेगा।
जिला अस्पताल में गहन हृदय चिकित्सा इकाई है। अब तक यहां इको जांच व सामान्य उपचार की सुविधाएं थीं। किसी मरीज को हृदयाघात होने या इसकी आशंका होने की जांच की सुविधा नहीं थी। ऐसे में मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पाता था। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी व एनसीडी सेल के नोडल अधिकारी डॉ. आशीष अग्निहोत्री ने मरीजों में हृदयाघात की पुष्टि की जांच की पहल की थी। उन्होंने ट्रॉप-टी किट के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद ट्रॉप-टी किट से जांच शुरू कराने की तैयारियां कीं। किटों को नोयडा से मंगाया गया। अब इनसे गहन हृदय चिकित्सा इकाई में जांच शुरू कर दी गई है। डाॅ. राजीव गुप्ता ने बताया कि प्रतिदिन दो से तीन मरीजों की जांच हो रही है। अब हृदयाघात की पुष्टि के लिए मरीज को बाहर नहीं जाना होगा।
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यह होती है ट्रॉप-टी किट
हृदय के ऊतकों में किसी भी प्रकार की क्षति पहुंचने पर ट्रॉप-टी का मान अधिक हो जाता है। यह 24 घंटे तक बढ़ा रहता है। ऐसे में दिल का दौरा पड़ने पर ईसीजी की जांच में स्पष्ट नहीं हो पाता है। पुष्टि के लिए ट्रॉप-टी जांच की जाती है। किट में ब्लड सैंपल से जांच की जाती है। इस पर 700 रुपये खर्च होते हैं।
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हृदय रोग की पुष्टि के लिए ट्रॉप-टी किट से जांच शुरू हो गई है। अब मरीजों को इसके लिए बाहर नहीं जाना होगा।
- डॉ. आशीष अग्निहोत्री, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी/ नोडल अधिकारी एनसीडी सेल