संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। जलसंस्थान में काम कर रहे लिपिकों का टाइपिंग टेस्ट कराया जाएगा। इसमें बाबू अगर फेल होते हैं तो उनको सीधा चपरासी बना दिया जाएगा।
शासनादेश के अनुसार मृतक आश्रित ऐसे कर्मचारी जिनकी नियुक्ति लिपिक वर्ग में हुई है, उन्हें टाइपिंग आना अनिवार्य है। इसके लिए दो साल का अवसर दिया जाता है। इस दौरान दो बार टाइपिंग टेस्ट भी लिया जाता है। पहले साल में अगर कोई बाबू टाइपिंग टेस्ट में फेल हो जाता है तो उसकी एक वेतन वृद्धि रोकते हुए दोबारा अवसर दिया जाता है। जल संस्थान ने भी करीब एक साल पहले टाइपिंग टेस्ट कराया था, जिसमें 11 लिपिकों ने टेस्ट दिया और सभी फेल हो गए। इस पर एक लिपिक की सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं तथा बाकी को मोहलत दी गई थी। ऐसे में जलसंस्थान द्वारा 25 से 30 जून के बीच में टाइप टेस्ट कराया जाएगा। इसमें फेल होने पर उनको चपरासी बना दिया जाएगा। इस संबंध में अधिशासी अभियंता आरएस बादलीवाल के मुताबिक टाइप टेस्ट कराया जा रहा है। जो भी कर्मचारी पास होंगे वह बाबू बने रहेंगे।