संवाद न्यूज एजेंसी
बार। राम जन्मभूमि आंदोलन में संघ के कार्यकर्ता के नाते प्रमुखता से हिस्सेदारी निभाई। गंगाजल यात्रा, चरण पादुका और अस्थिकलश यात्रा के साथ 1990 व 92 के आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। प्रतिबंध के कारण रात्रि में वर्ष 1990 में घर-घर छिपकर पत्रक बांटते थे। पुलिस की नजर से बचकर कार्य करते थे। आंदोलन के दौरान पुलिस ने बार में प्रमोद पांडेय व सुदामा मिश्रा के साथ गिरफ्तार कर लिया, दिन भर भूखा रखा गया, लेकिन डिगे नहीं। शाम को एसडीएम कोर्ट तालबेहट में पेश कर बंद कर दिया, रात्रि में ललितपुर से 12 बजे बस से कारसेवक आए, जिसमें बैठाकर उरई जिला कारागार ले जाया गया। उरई में कारसेवकों पर लाठीचार्ज किया गया, इसके उपरांत फतेहगढ़ सेंट्रल जेल भेज दिया गया। घर वालों को कोई सूचना न मिलने से वे सब परेशान थे। दोनों साथियों के साथ जब जेल से छूटा तो कस्बा में स्वागत हुआ। मंदिर निर्माण होने से जीवन सार्थक हुआ व अब अपार खुशी हो रही है।